ससुराल मेरी है और मजे तुम उड़ाते हो, जब बड़े भाई ने अटल बिहारी वाजपेयी से गोरखपुर जाने के बहाने खोजने पर ली थी चुटकी
नई दिल्ली, 15 अगस्त (आईएएनएस)। अटल बिहारी वाजपेयी सिर्फ नाम से ही नहीं, बल्कि कर्म और विचार, दोनों से अटल थे। मतांतर को स्वीकार करने और मनांतर को सिरे से नकारने वाले अटल का सार्वजनिक जीवन बेदाग और प्रेरणादायक रहा। उन्होंने सौंपी गई हर जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ निभाया।