करमा-धरमा की कथा से शुरू होता है 'करम पर्व' : पर्यावरण संतुलन के इस त्योहार में छिपा है इकोलॉजी का पुराना ज्ञान
नई दिल्ली, 22 सितंबर (आईएएनएस)। 'करमा' पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि मनुष्य और प्रकृति के बीच सदियों पुरानी अटूट मित्रता, कृषि संस्कृति और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का जीवंत उत्सव है। मुंडा, उरांव, संथाल और गोंड सहित तमाम जनजातीय तथा सदान समुदायों के जीवन में रचा-बसा यह पर्व सिखाता है कि जब हम प्रकृति का सम्मान करते हैं, तो जीवन स्वयं एक सुंदर उत्सव बन जाता है।