रेशम, मसाले और हस्तशिल्प... दक्षिण भारत राज्यों की पहचान बने ये 'जीआई' उत्पाद
नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)। भारत की सांस्कृतिक विविधता जितनी विशाल है, उतनी ही समृद्ध उसकी पारंपरिक उत्पादों की विरासत भी है। दक्षिण भारत के गांवों, खेतों और कारीगर बस्तियों में सदियों से तैयार हो रहे कई उत्पाद आज वैश्विक बाजार में अपनी खास पहचान बना चुके हैं। यहां की मिट्टी में बसा स्वाद, कला और परंपरा आज विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। गांवों की छोटी-छोटी कार्यशालाओं और खेतों से निकलकर ये उत्पाद अब अमेरिका, यूरोप, जापान और मध्य पूर्व तक पहुंच रहे हैं।