कारगिल के दो अमर वीर : 'शेरशाह' विक्रम बत्रा और 'द्रास के शेर' अनुज नैयर की अद्भुत शौर्यगाथा
नई दिल्ली, 6 जुलाई (आईएएनएस)। देश की सरहदों की रक्षा करने वाले और अपनी जान कुर्बान करने वाले दीवाने कुछ अलग ही मिट्टी के बने होते हैं। जब तिरंगे की आन पर बन आती है तो हिंदुस्तान के वीर ढाल बनकर खड़े हो जाते हैं। चाहे जान की बाजी क्यों लगानी न पड़े, वतन के रखवालों के कदम पीछे नहीं हटते। ऐसे ही थे वीर योद्धा कैप्टन विक्रम बत्रा और अनुज नैयर, जिनमें से एक 'शेरशाह' कहलाया और दूसरे को दुनिया ने 'द्रास का शेर' कहा।