चार बजे की साधना और चार आने का इनाम: एमएस गोपालकृष्णन की कहानी, जिसे अमेरिकी वायलिन वादक ने भी सलाम किया
नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय शास्त्रीय संगीत के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं, जो सिर्फ कलाकार नहीं, बल्कि एक पूरी परंपरा के संवाहक हैं। ऐसा ही एक नाम है एमएस गोपालकृष्णन, जिन्हें उनके चाहने वाले 'एमएसजी' कहकर बुलाया करते थे। वे महान वायलिन वादकों में गिने जाते हैं और भारत में अकेले ऐसे कलाकार रहे, जिन्होंने कर्नाटक और हिंदुस्तानी दोनों शास्त्रीय संगीत में सोलो कॉन्सर्ट कलाकार के रूप में प्रदर्शन किया।