राममनोहर लोहिया : बर्लिन से लौटकर चुना 'स्वदेशी समाजवाद,' पश्चिमी विचारों को दी चुनौती
नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। 23 मार्च 1910 को उत्तर प्रदेश के अकबरपुर में जन्मे डॉ. राममनोहर लोहिया का जीवन आरंभ से ही असाधारण था। मात्र ढाई वर्ष की अल्पायु में ही उनके सिर से मां का साया उठ गया, लेकिन इस व्यक्तिगत त्रासदी ने एक सामाजिक चेतना की नींव रख दी। उनके पालन-पोषण की जिम्मेदारी किसी एक जाति या वर्ग तक सीमित नहीं रही, बल्कि पड़ोस की विभिन्न जातियों की महिलाओं ने उन्हें मातृत्व का स्नेह दिया।