ईरान: धू-धू कर जल रहा यूनेस्को की सूची में शामिल जंगल, तेहरान ने मांगी मदद

IANS | November 22, 2025 5:53 PM

तेहरान, 22 नवंबर (आईएएनएस)। विश्व धरोहर लिस्ट में शामिल ईरान का हिरकैनियन जंगल धू धू कर जल रहा है। आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तेहरान ने विदेशी मदद की अपील की। तुर्की के बाद बेलारूस ने भी मदद का हाथ बढ़ाया है।

जापान का एक प्रांत ऐसा जहां भालुओं को काबू में करने के लिए सेना तैनात

IANS | November 5, 2025 2:12 PM

टोक्यो, 5 नवंबर (आईएएनएस)। जापान के पहाड़ी प्रांत अकिता में भालुओं के आतंक से लोग खौफजदा हैं। हालात बेकाबू हो चले हैं और यही वजह है कि इनसे निपटने के लिए सरकार को सेना भेजनी पड़ी है। स्थानीय अधिकारियों के अनुरोध पर ये कदम उठाया गया है।

जब चिंपांजी ने 'टूल' बनाया और जेन गुडॉल ने उस अनोखे संसार से हमें रूबरू कराया

IANS | November 3, 2025 7:08 PM

नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। घने जंगलों में रहने वाला चिंपांजी केवल औजार बनाना ही नहीं जानता बल्कि उसके बखूबी इस्तेमाल में भी माहिर है और दुनिया इस सच से 4 नवंबर 1960 को रूबरू हुई।

असम में 6,957 करोड़ रुपए की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी राज्य में इको-टूरिज्म को देगी बढ़ावा : सर्बानंद सोनोवाल

IANS | October 2, 2025 3:53 PM

नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की सराहना की, जिसने असम में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (केएनपी) सेगमेंट पर वन्यजीव-अनुकूल उपायों सहित राष्ट्रीय राजमार्ग-715 के कलियाबोर-नुमालीगढ़ सेक्शन के मौजूदा राजमार्ग को 4 लेन तक चौड़ा करने और सुधारने को मंजूरी दी।

नहीं रहीं जेन गुडॉल: भारत आई थीं मिस्टर 'एच' के साथ, बताया था क्यों है वो खास

IANS | October 2, 2025 2:25 PM

नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। दुनिया की महान प्राइमेटोलॉजिस्ट 'जेन गुडॉल' अब हमारे बीच नहीं रहीं, लेकिन उनकी जिंदगी की कहानियां आज भी उतनी ही जीवंत हैं जितनी अफ्रीका के जंगल! जेन ने 1 अक्टूबर 2025 को कैलिफोर्निया में अंतिम सांस ली। जेन गुडॉल इंस्टीट्यूट ने इसकी जानकारी दी।

झारखंड के रामगढ़ में कुएं में गिरे दो हाथी, वन विभाग ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन

IANS | September 25, 2025 1:07 PM

रामगढ़, 25 सितंबर (आईएएनएस)। झारखंड के रामगढ़ जिले के गोला वन क्षेत्र के परसाडीह जंगल में गुरुवार को दो हाथी 25 फीट गहरे कुएं में गिर गए। इनमें एक वयस्क और दूसरा शिशु है। दोनों जीवित हैं और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए वन विभाग ने बड़ा रेस्क्यू अभियान शुरू किया है।

हाथी साथी और इंजीनियर भी, प्रकृति को संतुलित रखने में हासिल महारत

IANS | August 11, 2025 6:30 PM

नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)।हाथी न केवल प्रकृति के इंजीनियर हैं, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह दिन हमें उनके सामने आने वाली चुनौतियों, जैसे आवास विनाश, अवैध शिकार और मानव-हाथी संघर्ष, पर ध्यान देने और समाधान खोजने का अवसर देता है। इनके संरक्षण और महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करने की एक कोशिश के तहत ही हर साल 12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस मनाया जाता है।

पुण्यतिथि विशेष: प्रकृति के सच्चे सेवक रॉबिन बनर्जी की कहानी, जिनकी नजर में काजीरंगा सिर्फ जंगल नहीं, एक धरोहर था

IANS | August 5, 2025 5:29 PM

नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। वन्यजीव विशेषज्ञ और पर्यावरणविद् रॉबिन बनर्जी वह शख्सियत थे, जिन्होंने न सिर्फ काजीरंगा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई, बल्कि अपने जीवन को पूरी तरह प्रकृति और वन्यजीवों को समर्पित कर दिया। असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले एक सींग वाले गैंडे की प्रसिद्धि सिर्फ भारत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में है। बहुत कम लोग जानते हैं कि रॉबिन बनर्जी के प्रयासों से ही दुनिया ने असम के एक सींग वाले गैंडे को टेलीविजन पर देखा। हर साल 6 अगस्त को रॉबिन बनर्जी को उनकी पुण्यतिथि पर याद किया जाता है।

वर्ल्ड स्नेक डे : दुनिया में 3,500 से अधिक प्रजातियां, सिर्फ 200 से इंसानों को खतरा

IANS | July 15, 2025 7:13 PM

नई दिल्ली, 15 जुलाई (आईएएनएस)। धरती इंसानों के साथ-साथ अन्य लाखों जीव-जंतुओं का भी घर है। सांप भी इसी में से एक है, जो सरीसृप श्रेणी के जीव में गिना जाता है। 'सरीसृप' का मतलब है, ऐसा जीव जो रेंगकर चलता हो। अधिकतर लोग सांपों को नकारात्मक दृष्टि से देखते हैं और उनसे डरते हैं, लेकिन यह इतने भी खतरनाक नहीं होते, जितना समझा जाता है। सांपों के प्रति जागरूकता को बढ़ाने के लिए दुनिया में हर साल 16 जुलाई को 'विश्व सांप दिवस' या 'वर्ल्ड स्नेक डे' के रूप में मनाते हैं।

गुम हो रहे गजराज : झारखंड के कोल्हान प्रमंडल में 35 दिन में चार हाथियों की मौत

IANS | July 10, 2025 7:39 PM

रांची, 10 जुलाई (आईएएनएस)। कभी हाथियों की सुरक्षित रिहाइश माने जाने वाले झारखंड के कोल्हान प्रमंडल के जंगल अब उनके लिए मौत की वादियों में बदलते जा रहे हैं। पिछले 35 दिनों में इस प्रमंडल में चार हाथियों ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया है।