मिडिल ईस्ट संकट: बहरीन में रिहायशी इमारत क्षतिग्रस्त, कोई हताहत नहीं

Bahrain attacked

मनामा/वाशिंगटन/तेहरान, 28 जून (आईएएनएस)। बहरीन ने ईरान पर रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। बहरीन के गृह मंत्रालय के अनुसार, ईरानी हमले में मुहर्रक क्षेत्र की एक रिहायशी इमारत क्षतिग्रस्त हुई, लेकिन अच्छी बात ये रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि संबंधित अधिकारी घटनास्थल पर आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बहरीन में अलार्म सायरन को एक्टिव कर दिया गया है। गृह मंत्रालय ने आम लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की है।

वहीं, कुवैत के विदेश मंत्रालय ने देश पर हुए ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने इन्हें बार-बार की गई गंभीर ईरानी आक्रामक कार्रवाई बताते हुए कहा, "यह कुवैत की संप्रभुता का खुला उल्लंघन है।"

मंत्रालय ने कहा, "इस तरह के हमले क्षेत्र और दुनिया में तनाव कम करने की कोशिशों को कमजोर करते हैं और शांति बहाली को लेकर चल रहे अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को सीधी चुनौती देते हैं।"

इसी बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि आने वाले दिनों में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

आईआरजीसी ने एक बयान में कहा कि अमेरिका का सीरिक शहर पर किया गया हमला होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के नियंत्रण को कमजोर नहीं कर सकता। नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों पर की गई कार्रवाई बाकी जहाजों के लिए साफ संदेश है कि उन्हें तय मार्ग का पालन करना होगा।

यूएस-ईरान ने एक दूसरे पर सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाया है। सिंगापुर के कार्गो शिप पर शुक्रवार को आईआरजीसी के हमले का जवाब देते हुए अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के तटीय इलाकों पर कार्रवाई का दावा किया। इसके बाद तेहरान की ओर से गल्फ देशों को निशाना बनाने की कार्रवाई शुरू की गई।

इन हमलों की वजह से पश्चिम एशिया में दोबारा तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक बार फिर चेतावनी भरे अंदाज में कहा, "अगर ईरान नहीं बचा तो उसका अस्तित्व खत्म हो जाएगा।"

दूसरी ओर ईरान के विदेश मंत्रालय ने देश के दक्षिणी तटीय इलाकों पर हुए हालियाअमेरिकी हवाई हमलों की कड़ी निंदा की। मंत्रालय ने इन्हें क्रूर हमला बताते हुए कहा कि यह तेहरान और वाशिंगटन के बीच हुए मेमोरेंडम (एमओयू) के तहत लागू युद्धविराम का उल्लंघन है।

बयान जारी कर कहा गया कि यह साफ है कि अमेरिकी सरकार अपने वादों और प्रतिबद्धताओं की कोई परवाह नहीं करती और समझौतों को तोड़ना उसकी नीति का हिस्सा है।

--आईएएनएस

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