डिग्री रखने का मतलब यह नहीं कि काम करने की इच्छा भी हो : दिल्ली हाईकोर्ट
नई दिल्ली, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने माना है कि स्नातक स्तर की डिग्री होने से यह नहीं माना जा सकता कि कोई व्यक्ति, विशेष रूप से कोई पत्नी अपने जीवनसाथी से अंतरिम गुजारा भत्ता का दावा करने के एकमात्र इरादे से जानबूझकर काम नहीं कर रही है। विशेषकर, जब वे पहले कभी नौकरी नहीं किए हुए हों।