सरगुजा, 8 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी 'लखपति दीदी योजना' छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का नया माध्यम बन रही है। स्वयं सहायता समूहों के जरिए आर्थिक सहायता और रोजगार के अवसर मिलने से कई महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। सरगुजा के ग्राम पूटा की रहने वाली अनीता प्रजापति और समीरा सिंह इसकी एक मिसाल बनकर सामने आई हैं।
अनिता प्रजापति ने आईएएनएस से बात करते हुए बताया, "कुछ समय पहले तक मैं पूरी तरह घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित थीं। आर्थिक तंगी के कारण कोई स्वरोजगार शुरू नहीं कर पा रही थीं। इसी दौरान मुझे जिला पंचायत के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों के बारे में जानकारी मिली। मैं अपनी साथी समीरा सिंह के साथ 'ज्योति समूह' से जुड़कर ऋण लिया और रोजगार किया।"
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के सहयोग से दोनों महिलाओं को अलग-अलग रोजगार उपलब्ध कराया गया। अनिता प्रजापति को गांव के सामुदायिक शौचालय के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई। इससे उन्हें नियमित आय का स्रोत मिला और गांव में स्वच्छता व्यवस्था को भी मजबूती मिली।
उन्होंने बताया, "गांव के पास दर्शनीय स्थल होने के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं, जिन्हें इस सुविधा का लाभ मिलता है। ऐसे में इससे रोजगार के साथ-साथ लोगों को भी बेहतर सुविधा उपलब्ध हो रही है।"
अनिता प्रजापति ने कहा, "'ज्योति समूह' के माध्यम से हमें रोजगार मिला। सामुदायिक शौचालय और दुकान जैसी सुविधाओं से न केवल हमें आय का अवसर मिला, बल्कि लोगों को भी सुविधा मिली है। यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।"
वहीं, समीरा सिंह को जिला पंचायत की ओर से निःशुल्क दुकान उपलब्ध कराई गई, जहां उन्होंने किराना दुकान शुरू की। गांव में पहले बड़ी किराना दुकान नहीं होने से लोगों को आवश्यक सामान के लिए दूर जाना पड़ता था। अब उनकी दुकान से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध हो रही हैं।
समीरा के अनुसार, दुकान से उन्हें हर महीने लगभग 10 हजार रुपए की आय हो रही है, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में काफी बेहतर हुई है।
दोनों महिलाओं का कहना है कि पहले उन्हें हर छोटी-बड़ी जरूरत के लिए अपने पति पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब वे अपनी कमाई से घर का खर्च चलाने, बच्चों की पढ़ाई कराने और भविष्य की योजनाएं बनाने में सक्षम हैं। अपनी आय से दोनों महिलाओं ने स्कूटी भी खरीदी है, जिससे उनका आवागमन आसान हो गया है।
--आईएएनएस
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