सावन विशेष : महादेव को क्यों प्रिय है भांग, आक और धतूरा? ‘नीलकंठ’ से है कनेक्शन

IANS | July 3, 2025 6:56 PM

नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। सावन का महीना भगवान शिव और उनके भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। महादेव अपने भक्तों पर जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं, चाहे वह इंसान हो, देवता या असुर। शिव को प्रसन्न करने के लिए न तो महंगी मिठाइयों की जरूरत है न ही जटिल पूजा विधि की। बेलपत्र, भांग, आक, धतूरा और एक लोटा जल ही उनके लिए काफी है। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा कि भगवान शिव को भांग, आक और धतूरा क्यों प्रिय है?

रावणेश्वर ज्योतिर्लिंग जो मशहूर है 'कामना लिंग' के नाम से, जहां बाबा मंदिर के शिखर पर 'त्रिशूल' नहीं लगा है 'पंचशूल'

IANS | July 3, 2025 6:03 PM

नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। महादेव के द्वादश ज्योतिर्लिंग में से पांचवें नंबर पर आता है बाबा बैद्यनाथ धाम। जिसे रावणेश्वर ज्योतिर्लिंग या फिर कामना लिंग के नाम से भी जाना जाता है। यह द्वादश ज्योतिर्लिंग में अकेला ऐसा शिवलिंग है, जहां माता पार्वती और महादेव एक साथ विराजते हैं। कहते हैं यहां माता सती का हृदय भाग गिरा था। ऐसे में यहां दर्शन-पूजन से भक्तों को महादेव के साथ माता पार्वती का भी आशीर्वाद मिलता है और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसलिए इसे मनोकामना लिंग या कामना लिंग भी कहा जाता है।

रवि योग: हर काम में मिलेगी सफलता, बस करें ये उपाय!

IANS | July 3, 2025 9:58 AM

नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार सभी योग में रवि योग बेहद ही शुभ और प्रभावशाली योग होता है। यह योग सूर्य और चंद्रमा के खास संयोग से बनता है। शुक्रवार के दिन इस योग का संयोग बन रहा है, जो बेहद शुभ है और इस योग में किए गए सभी धार्मिक कार्य से जातकों को कई गुना फल मिलता है। शुक्रवार को सूर्य मिथुन राशि में रहेंगे, वहीं चंद्रमा तुला राशि में रहेंगे।

अमरनाथ यात्रा के लिए दूसरा जत्था रवाना, तीर्थयात्रियों ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए सरकार की तारीफ की

IANS | July 3, 2025 9:56 AM

जम्मू, 3 जुलाई (आईएएनएस)। 36 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों का एक और जत्था गुरुवार को जम्मू से घाटी के लिए रवाना हुआ। दूसरे जत्थे में 5246 तीर्थयात्री शामिल हैं, जिन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू के कैनाल रोड स्थित भगवती नगर से घाटी के लिए भेजा गया। अधिकारियों ने बताया कि इन तीर्थयात्रियों में से 1993 यात्री बालटाल बेस कैंप जा रहे हैं, जबकि 3253 पहलगाम बेस कैंप जा रहे हैं।

जहां दो ज्योतिर्लिंग नदी के दो किनारों पर स्थित होकर एकलिंग नाथ के रूप में पूजे जाते हैं, वहां प्रवाहित पवित्र नदी का हर कंकड़ शंकर है

IANS | July 3, 2025 8:30 AM

नई दिल्ली, 3 जुलाई (आईएएनएस)। गंगा से भी ज्यादा पावन नदी नर्मदा, इसके किनारे से सटा ओंकार पर्वत और इस पर्वत पर निवास करते एकलिंगनाथ यानी महादेव। सचमुच यह स्थान देवताओं का निवास स्थान है। यहां नर्मदा नदी के दोनों किनारों पर दो प्रमुख मंदिर हैं ओंकारेश्वर और ममलेश्वर। यहां दोनों ज्योतिर्लिंग मिलकर एक होते हैं और कहलाते हैं ओंकारममलेश्वर। द्वादश ज्योतिर्लिंग में इसका स्थान चौथा है।

अंबुबाची मेला : जहां रजोधर्म की होती है पूजा, भक्तों को मिलता है दिव्य प्रसाद!

IANS | July 2, 2025 7:53 PM

नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। हिन्दू धर्म में देवी उपासना की कई परंपराएं हैं, लेकिन असम में स्थित कामाख्या देवी मंदिर एक ऐसा स्थान है, जो रहस्यों और आध्यात्मिक शक्तियों से भरा हुआ है। मां कामाख्या देवी का मंदिर ना केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि तांत्रिक क्रियाओं और शक्तिपीठों की महिमा का प्रतीक भी है। कहते हैं कि यहां पर माता सती का योनी भाग गिरा था। इसलिए इस मंदिर को कामाख्या मंदिर नाम दिया गया है।

सावन विशेष : हरी चूड़ी, साड़ी और श्रृंगार... क्या है महादेव के प्रिय मास से 'हरे रंग' का कनेक्शन?

IANS | July 2, 2025 5:17 PM

नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। भोलेनाथ के प्रिय मास सावन का शुभारंभ 11 जुलाई से होने जा रहा है। सावन में न केवल प्रकृति हरे रंग की ओढ़नी ओढ़कर इतराती है, बल्कि पंरपराओं के अनुसार महिलाएं भी हरे रंग को अपने श्रृंगार में शामिल करती हैं, फिर वो चूड़ी हो या साड़ी, बिंदी या अन्य श्रृंगार प्रसाधन। हरे रंग का खास महत्व है और इस मास से खास कनेक्शन भी है।

एक मात्र दक्षिणमुखी शिवलिंग, जहां आकर काल के भी कांप जाते हैं पांव

IANS | July 2, 2025 8:50 AM

नई दिल्ली, 2 जुलाई (आईएएनएस)। कालों के काल महाकाल। द्वादश ज्योतिर्लिंग में तीसरे नंबर पर पूजे जाते हैं। कलयुग के कर्ता धर्ता और प्राणियों के काल हरने वाले महाकाल। यहां महादेव एक मात्र दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग के तौर पर विराजते हैं। वास्तु में दक्षिण दिशा के स्वामी मृत्यु के देवता यमराज को माना गया है। मृत्यु से परे होने के कारण ही भगवान महाकाल को ये नाम दिया गया है। इसलिए यह भी मान्यता है कि जो भी सच्चे मन से भगवान महाकालेश्वर के दर्शन व पूजन करता है उसे मृत्यु उपरांत यमराज द्वारा दी जाने वाली यातनाओं से मुक्ति मिल जाती है।

सावन विशेष : धातु या पत्थर नहीं, ‘पीपल की लकड़ी’ समेत इन सामग्रियों से बने शिवलिंग के पूजन का है खास महत्व

IANS | July 1, 2025 4:42 PM

नई दिल्ली, 1 जुलाई (आईएएनएस)। विश्व के नाथ का प्रिय माह सावन 11 जुलाई से शुरू होने वाला है। भगवान के दर्शन-पूजन की तैयारी जोरों पर हैं। शिवालय में बम भोले की गूंज सुनाई देगी। शिवलिंग की भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा-अर्चना करेंगे। अमूमन मंदिरों में पत्थर या धातु के शिवलिंग पूजे जाते हैं। हालांकि, कम ही लोग जानते हैं कि धातु या पत्थर ही नहीं, ‘पीपल की लकड़ी’, आंवला, मिश्री, सोंठ, मिर्च और फूलों से बने शिवलिंग की भी पूजा होती है।

गुरुवायुर के हाथियों को दी जा रही 31 दिवसीय चिकित्सा थेरेपी, दावा-होगा कायाकल्प

IANS | July 1, 2025 12:12 PM

गुरुवायुर, 1 जुलाई (आईएएनएस)। गुरुवायुर देवासम द्वारा संचालित श्री कृष्ण मंदिर के तहत हाथियों के लिए 31 दिवसीय कायाकल्प चिकित्सा (रिजूविनेशन थेरेपी) मंगलवार सुबह शुरू हुई।