मन अशांत और कुंडली में चंद्र दोष हो तो इन मंदिरों में जाकर करें दर्शन, सारे कष्ट होंगे दूर
नई दिल्ली, 20 जून (आईएएनएस)। कुंडली के नव ग्रहों में से चंद्रमा को मन और माता का कारक माना गया है। यह बेहद शीतल और शुभ ग्रह है। ऐसे में अगर किसी जातक की कुंडली में चंद्रमा शुभ हो तो ऐसे जातक को समाज में खूब मान-प्रतिष्ठा मिलती है और उसके जीवन में हमेशा शीतलता बनी रहती है। चंद्र को सबसे तेज चलने वाला ग्रह माना गया है। चंद्रमा ढाई दिन में राशि परिवर्तन करता है। यह राशियों में कर्क राशि का स्वामी माना गया है, इसके साथ ही वृषभ राशि को इसकी उच्च राशि और वृश्चिक राशि को इसकी नीच राशि माना गया है।