भगवान शिव की उदारता का प्रतीक मम्मियूर मंदिर
त्रिशूर, 22 दिसंबर (आईएएनएस)। बाबा भोलेनाथ की महिमा का बखान हर ग्रंथ में किया गया है। सृष्टि की सुरक्षा के लिए ही उन्होंने हलाहल का पान किया था।
त्रिशूर, 22 दिसंबर (आईएएनएस)। बाबा भोलेनाथ की महिमा का बखान हर ग्रंथ में किया गया है। सृष्टि की सुरक्षा के लिए ही उन्होंने हलाहल का पान किया था।
नागपुर, 22 दिसंबर (आईएएनएस)। ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ का प्राचीन मंदिर बना है। यहां पूरी दुनिया से भक्त दर्शन करने आते हैं। वहीं, जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर ही नागपुर में एक प्राचीन छोटा श्री जगन्नाथ मंदिर मौजूद है, जिसकी तुलना पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर से की जाती है। खास बात ये है कि मंदिर के गर्भगृह में सिर्फ अकेले भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की पूजा नहीं होती, बल्कि स्वयं महादेव भी विराजमान हैं।
नई दिल्ली, 22 दिसंबर (आईएएनएस)। पौष माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि मंगलवार दोपहर 12 बजकर 12 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि लग जाएगी। इस तिथि पर रवि योग का निर्माण हो रहा है। इस योग पर किए गए कार्य अत्यंत लाभदायक होते हैं।
नई दिल्ली, 21 दिसंबर (आईएएनएस)। खरमास का नाम सुनते ही अक्सर लोगों के मन में यह बात आती है कि इस दौरान कोई शुभ काम नहीं करना चाहिए। सच भी है कि खरमास में विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने गए हैं। लेकिन, बहुत कम लोग जानते हैं कि यही समय सूर्यदेव की साधना के लिए बेहद खास और फलदायी माना गया है।
तिरुवनंतपुरम, 21 दिसंबर (आईएएनएस)। दक्षिण भारत में मां काली को समर्पित कई मंदिर हैं। केरल के मुल्लास्सेरी में मां के सबसे उग्र रूप भद्रकाली की पूजा होती है। इस मंदिर में भक्तों को संकटों से मुक्ति दिलाने के लिए मां भद्रकाली स्वयं आती हैं और सारी मनोकामनाएं पूरी करती हैं।
नई दिल्ली, 21 दिसंबर (आईएएनएस)। देश के कई हिस्सों में भगवान शिव के पवित्र स्थान 12 ज्योतिर्लिंग के रूप में विद्यमान हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भगवान शिव को समर्पित 13वां ज्योतिर्लिंग भी मौजूद है?
महाराष्ट्र, 20 दिसंबर (आईएएनएस)। भगवान शिव के अनन्य भक्तों में नंदी महाराज की गिनती होती है, क्योंकि उन्होंने भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तपस्या की थी।
भुवनेश्वर, 19 दिसंबर (आईएएनएस)। भगवान विष्णु को समर्पित देश भर में कई चमत्कारी मंदिर हैं, जो उनके अलग-अलग रूपों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ओडिशा के भुवनेश्वर में भगवान विष्णु के पुराने और सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में अनंत वासुदेव मंदिर शामिल है, जहां के प्रसाद को श्री जगन्नाथ मंदिर के प्रसाद जितना पवित्र माना जाता है। मंदिर की रसोई में महाप्रसाद पुरानी पद्धति और पूरी आस्था के साथ पकाया जाता है।
नई दिल्ली, 18 नवंबर (आईएएनएस)। हिंदू धर्म और हमारे पुराणों में इस बात का जिक्र हमेशा किया गया है कि पृथ्वी और मानव शरीर पंचभूतों से मिलकर बने हैं, जिनमें अग्नि, वायु, जल, आकाश और भूमि शामिल हैं।
कोलकाता, 18 दिसंबर (आईएएनएस)। जहां सृष्टि की उत्पत्ति और संचालन की बात आती है, तीनों त्रिदेवों का नाम सबसे पहले लिया जाता है। लेकिन, सृष्टि का संचालन मां दुर्गा के बिना अधूरा है। वे प्रकृति का सरल रूप हैं, जो सृजन और विनाश दोनों की ताकत रखती हैं।