11वीं शताब्दी के इस मंदिर में प्रतिदिन बढ़ती है गणपति की प्रतिमा, जल में विराजमान हैं गौरी पुत्र

IANS | August 19, 2025 12:00 PM

चित्तूर, 19 अगस्त (आईएएनएस)। भारत को मंदिरों का देश कहा जाता है। देश के हर राज्य में अनगिनत मंदिर हैं, जो ईंट-पत्थरों से बने केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था और चमत्कार का ऐसा संगम है जो भक्त के लिए बेहद खास है। ऐसा ही एक विघ्ननाशक गणपति का मंदिर तिरुपति से 68 किलोमीटर और चित्तूर से महज 11 किलोमीटर दूर स्थित है। आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित कनिपकम श्री वरसिद्धि विनायक स्वामी मंदिर न केवल अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसके पीछे की अद्भुत पौराणिक कथा और चमत्कारिक मान्यताएं इसे विशेष बनाती हैं।

बुध प्रदोष : ऐसे करें महादेव और गणपति की पूजा, जीवन में आएगी खुशहाली, दूर होंगे कष्ट

IANS | August 19, 2025 9:07 AM

नई दिल्ली, 19 अगस्त (आईएएनएस)। हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। बुधवार को पड़ने पर इसे बुध प्रदोष व्रत कहा जाता है। दृक पंचांग के अनुसार, 20 अगस्त को भाद्रपद माह का पहला बुध प्रदोष व्रत मनाया जाएगा।

भाद्रपद की अजा एकादशी पर त्रिपुष्कर का उत्तम योग, श्री हरि को ऐसे करें प्रसन्न

IANS | August 18, 2025 10:51 AM

नई दिल्ली, 18 अगस्त (आईएएनएस)। भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी, जिसे अजा एकादशी या अन्नदा एकादशी के नाम से जाना जाता है, 19 अगस्त को है। दृक पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 18 अगस्त को शाम 5 बजकर 22 मिनट से शुरू होकर 19 अगस्त को दोपहर 3 बजकर 32 मिनट तक है। विशेष है कि इस दिन उत्तम त्रिपुष्कर योग भी है।

नंदा सिद्धपीठ कुरूड से मां नंदा की डोलियां कैलाश के लिए रवाना, भक्तिभाव में डूबे श्रद्धालु

IANS | August 17, 2025 3:58 PM

चमोली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तराखंड का नंदा देवी महोत्सव धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का प्रतीक है, जो हर साल अगस्त-सितंबर में धूमधाम से मनाया जाता है। चमोली के नंदा नगर (घाट) ब्लॉक में स्थित कुरूड गांव, जो मां नंदा का मायका माना जाता है, से नंदा सिद्धपीठ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद नंदा देवी की उत्सव डोलियां कैलाश (उनकी ससुराल) के लिए रविवार को रवाना हुईं।

नंद के घर 'आनंद' बन आए कान्हा, कृष्ण मंदिरों में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

IANS | August 17, 2025 12:36 AM

नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के साथ देशभर में मंदिरों, घरों और सार्वजनिक स्थानों पर उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिल रहा है। जहां भगवान कृष्ण के प्राकट्योत्सव की खुशी में भक्त झूमते हुए नजर आ रहे हैं, वहीं तमाम घरों में मंगल गीत गाए जा रहे हैं।

पहाड़ को चुनौती देने वाले दशरथ मांझी, एक प्रेम और संकल्प की अमर गाथा

IANS | August 17, 2025 12:13 AM

नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार के गया जिले के गहलौर गांव में जन्मे दशरथ मांझी एक ऐसी शख्सियत हैं, जिनकी कहानी असंभव को संभव करने की है। समाज की सबसे निचली पायदान पर खड़े एक साधारण मजदूर ने अपनी अटूट इच्छा शक्ति से प्रेरित होकर एक पहाड़ को काटकर रास्ता बना दिया। उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ उनके गांव, बल्कि पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन गई।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: द्वारका इस्कॉन मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, कथक नृत्यांगना यास्मीन सिंह ने बांधा समां

IANS | August 16, 2025 11:38 PM

नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। दिल्ली के द्वारका स्थित इस्कॉन मंदिर में इस बार जन्माष्टमी के अवसर पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी। मंदिर को रंग-बिरंगी लाइटों, फूलों और आकर्षक सजावट से भव्य रूप दिया गया, जो भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।

जन्माष्टमी पर रात 12 बजे करें एक छोटा सा उपाय, बरसेगी श्रीकृष्ण की कृपा

IANS | August 16, 2025 5:46 PM

नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। हर साल भाद्रपद की अष्टमी तिथि को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पूरे भारत में बड़ी श्रद्धा और प्रेम से मनाया जाता है। जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों में भजन-कीर्तन होते हैं, घरों में झूले सजते हैं और भक्त उपवास रखकर भगवान का जन्म उत्सव मनाते हैं। इस दिन लोग कान्हा की विधि-विधान से पूजा करते हैं, लेकिन अगर पूजा के साथ-साथ वास्तु शास्त्र में बताए कुछ आसान उपाय किए जाएं, तो भगवान श्रीकृष्ण जल्दी प्रसन्न होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

तुलसी के बिना अधूरी है श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पूजा, जानिए क्यों है ये इतनी खास

IANS | August 16, 2025 4:00 PM

नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भक्ति, प्रेम और आस्था का सबसे पावन पर्व है। जब भाद्रपद महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि आती है, तो हर गली, हर घर और हर मंदिर में 'नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की' गूंजने लगता है। भक्त व्रत रखते हैं, दिनभर भजन करते हैं और ठीक रात 12 बजे बाल गोपाल का जन्म उत्सव मनाते हैं। कान्हा के लिए झूला सजता है, आरती होती है, पंचामृत से स्नान कराया जाता है और फिर उन्हें प्रेम से तरह-तरह के भोग अर्पित किए जाते हैं। लेकिन इतने सारे भोग, पकवान और मिष्ठान होने के बाद भी अगर एक चीज न हो तो भगवान श्रीकृष्ण की पूजा अधूरी मानी जाती है। वो चीज है 'तुलसी'... पूजा में जितना जरूरी माखन और मिश्री है, उतनी ही जरूरी है तुलसी भी।

जानें क्यों लगाते हैं लड्डू गोपाल को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग, लोक कथा में छिपा है इसका कारण

IANS | August 16, 2025 3:55 PM

नई दिल्ली, 16 अगस्त (आईएएनएस)। जब श्रीकृष्ण का बाल स्वरूप भक्तों के मन में बसता है, तो शरीर का रोम-रोम खिल उठता है। उनके जन्मदिन के विशेष अवसर पर घर-घर में खास तैयारियां शुरू होने लगती हैं, झूला सजता है, शंखनाद होता है, और अपने लड्डू गोपाल के स्वागत के लिए 56 भोग बनाए जाते हैं।