नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में ज्यादातर लोग अपने खानपान को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो गए हैं, लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि बाहर से सबकुछ ठीक दिखने के बावजूद शरीर अंदर ही अंदर जरूरी पोषण की कमी से जूझ रहा होता है। खासकर प्रोटीन की कमी एक ऐसी समस्या है, जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।
मेडिकल साइंस के अनुसार, प्रोटीन हमारे शरीर में मांसपेशियां बनाने का काम करता है। साथ ही यह शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत, हार्मोन बनाने, त्वचा और बालों को स्वस्थ रखने और शरीर को ऊर्जा देने में भी अहम भूमिका निभाता है। जब पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन नहीं मिलता, तो उसका असर धीरे-धीरे पूरे शरीर पर दिखाई देने लगता है। कई बार लोग इन लक्षणों को सामान्य कमजोरी या मौसम का असर समझ लेते हैं, लेकिन लंबे समय तक इन्हें नजरअंदाज करना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
अगर शरीर बिना ज्यादा मेहनत किए ही लगातार थकान महसूस करने लगे, तो यह प्रोटीन की कमी का शुरुआती संकेत हो सकता है। वैज्ञानिक शोध के मुताबिक, प्रोटीन शरीर को ऊर्जा देने और मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है। जब शरीर में इसकी मात्रा कम होने लगती है, तो मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं और शरीर जल्दी थकने लगता है। ऐसे लोगों को थोड़ी देर काम करने के बाद ही आराम की जरूरत महसूस होने लगती है। कई बार सुबह अच्छी नींद लेने के बाद भी शरीर भारी और सुस्त महसूस होता है।
डॉक्टरों के अनुसार, बालों का तेजी से झड़ना और नाखूनों का कमजोर होना भी शरीर में प्रोटीन की कमी का बड़ा संकेत माना जाता है। मेडिकल रिसर्च में बताया गया है कि बाल और नाखून मुख्य रूप से केराटिन नाम के प्रोटीन से बने होते हैं। जब शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलता, तो शरीर जरूरी अंगों को प्राथमिकता देने लगता है, जिससे बालों और नाखूनों तक सही पोषण नहीं पहुंच पाता। इसका असर यह होता है कि बाल और नाखून टूटने लगते हैं।
बार-बार भूख लगना भी प्रोटीन की कमी का संकेत हो सकता है। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, प्रोटीन पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद करता है। यही वजह है कि प्रोटीन से भरपूर भोजन खाने के बाद जल्दी भूख नहीं लगती। लेकिन, जब शरीर में इसकी कमी होती है, तो बार-बार कुछ खाने की इच्छा होने लगती है। खासकर मीठा या जंक फूड खाने की क्रेविंग बढ़ जाती है। ऐसे में अपनी डाइट पर ध्यान देने की जरूरत है।
प्रोटीन की जब शरीर में कमी होने लगती है, तो मसल्स धीरे-धीरे कमजोर होने लगते हैं। इसका असर शरीर में दर्द, अकड़न और कमजोरी के रूप में दिखाई देता है। कई लोगों को सीढ़ियां चढ़ने, ज्यादा देर खड़े रहने या हल्का सामान उठाने में भी परेशानी महसूस होने लगती है। लंबे समय तक प्रोटीन की कमी रहने पर मसल्स का आकार भी कम होने लगता है और शरीर की ताकत घट सकती है।
त्वचा का अचानक बेजान, रूखा और कमजोर दिखाई देना भी प्रोटीन की कमी से जुड़ा हो सकता है। प्रोटीन त्वचा की कोशिकाओं को स्वस्थ रखने और नई कोशिकाएं बनाने में मदद करता है। जब शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलता, तो त्वचा अपनी प्राकृतिक चमक खोने लगती है। ऐसी स्थिति में त्वचा में ड्राइनेस बढ़ जाती है और चेहरे पर समय से पहले झुर्रियां भी नजर आने लगती हैं। कई बार त्वचा पतली और कमजोर भी महसूस होने लगती है।
डॉक्टरों का मानना है कि अगर शरीर लगातार इस तरह के संकेत दे रहा है, तो उसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। संतुलित आहार में दाल, पनीर, अंडे, दूध, दही, सोया, मेवे और प्रोटीन से भरपूर दूसरी चीजों को शामिल करना जरूरी है।
--आईएएनएस
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