सावन की चतुर्दशी : शुभ योगों के बीच करें वरलक्ष्मी व्रत, विष्णु प्रिया को ऐसे करें प्रसन्न
नई दिल्ली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। सावन मास की चतुर्दशी तिथि पर शुभ योगों के संयोग में वरलक्ष्मी व्रत और हयग्रीव जन्मोत्सव का विशेष महत्व है। दृक पंचांग के अनुसार, चतुर्दशी तिथि शाम 2 बजकर 12 मिनट तक रहेगी, इसके बाद पूर्णिमा शुरू होगी।