महाकुंभ में 66.21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में स्नान का पुण्य लाभ प्राप्त किया : सीएम योगी

IANS | February 26, 2025 8:25 PM

लखनऊ, 26 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ-2025 का बुधवार को महाशिवरात्रि पर अंतिम दिन रहा। 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक महाकुंभ में देश-विदेश से लेकर राजनीति, खेल, बॉलीवुड जगत की तक तमाम हस्तियों ने पवित्र त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई।

रमजान में खजूर खाकर ही क्यों खोला जाता है रोजा? पैगंबर मोहम्मद से क्या है कनेक्शन

IANS | February 26, 2025 2:57 PM

नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना ‘रमजान’ शुरू होने वाला है। इस साल रमजान का आगाज 1 या 2 मार्च 2025 से होगा, जो अगले 30 दिनों तक चलेगा। रमजान की तारीख में बदलाव संभव है, क्योंकि चांद का दीदार कर ही रोजेदार पहले रोजे की शुरुआत करते हैं। रोजे में खजूर का सेवन किया जाता है। इसका धार्मिक ही नहीं सेहत से भी गहरा कनेक्शन है!

दिल्ली से राजौरी तक महाशिवरात्रि की धूम, मंदिरों में उमड़े श्रद्धालुओं ने की भोले बाबा की पूजा

IANS | February 26, 2025 2:05 PM

राजौरी/ नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती राजौरी जिले में महाशिवरात्रि का त्योहार धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर जिले के विभिन्न शिव मंदिरों में भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ी हुई है। भक्तों ने शिवलिंग पर जलाभिषेक कर महादेव से प्रार्थना भी की।

हर साल तिल के बराबर बढ़ते हैं काशी के तिलभांडेश्वर महादेव, दर्शन से मिलता है अश्वमेध यज्ञ का पुण्य

IANS | February 26, 2025 12:17 PM

वाराणसी, 26 फरवरी (आईएएनएस)। महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव भक्ति में देश-दुनिया के साथ शिवनगरी काशी लीन है। ऐसे कई मंदिर हैं, जिनके दर्शन मात्र करने से कई गुना फल मिलते हैं। बाबा श्री काशी विश्वनाथ की नगरी में ऐसा ही एक प्राचीन मंदिर है तिलभांडेश्वर का, जिसे लेकर मान्यता है कि यहां शिवलिंग हर साल तिल के बराबर बढ़ता है और दर्शन करने से कई पाप मिट जाते हैं।

महाकुंभ का आज आखिरी दिन : महाशिवरात्रि पर्व पर लाखों की संख्या में जुटे श्रद्धालु, की गई पुष्प वर्षा

IANS | February 26, 2025 8:36 AM

नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। दुनिया के सबसे बड़े आयोजन महाकुंभ का बुधवार को आखिरी दिन है। श्रद्धालु आखिरी पवित्र स्नान में शामिल होने के लिए त्रिवेणी संगम पर पहुंचे। यहां श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई।

महाशिवरात्रि विशेष : शिव का ऐसा धाम, जहां महादेव के साथ विराजती हैं माता शक्ति

IANS | February 25, 2025 7:26 PM

देवघर, 25 फरवरी (आईएएनएस)। झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम की महिमा निराली है। बाबाधाम में भगवान शिव के साथ साक्षात माता शक्ति विराजती हैं और यह धाम जागृत भी है। देवघर को 'देवताओं का घर' भी कहा जाता है। यहां के कण-कण में महादेव हैं और हर मुख पर 'जय शिव' का अहर्निश जाप भी है।

महाशिवरात्रि विशेष : एक ऐसा मंदिर जहां शिव के हृदय में बसते हैं विष्णु, महादेव की पूजा में होता है तुलसी दल का इस्तेमाल

IANS | February 25, 2025 6:27 PM

नई दिल्ली, 25 फरवरी (आईएएनएस)। वैसे तो सृष्टि के कण-कण में भगवान का वास है। महादेव तो यूं भी हर मन में बसते हैं। भारत में महादेव के कई प्रसिद्ध मंदिर हैं। द्वादश ज्योतिर्लिंग इनमें से ही हैं। इन 12 मंदिरों में शक्ति शिवलिंग स्थापित है। आपको बता दें कि शिवलिंग की पूजा में कुछ चीजों का प्रयोग वर्जित है। इसमें श्रृंगार के सामान, केतकी के फूल और तुलसी दल शिव की पूजा में इस्तेमाल नहीं होते हैं। लेकिन, इस सबसे अलग देश में एक ऐसा भी शिवलिंग है, जहां शिव के हृदय में भगवान विष्णु बसते हैं। इन्हें द्वादश ज्योतिर्लिंग का राजा भी कहा गया है। तो आइए इस महाशिवरात्रि के मौके पर शिव के इस विशेष मंदिर के बारे में जानते हैं।

महाशिवरात्रि : द्वादश ज्योतिर्लिंग जहां बसते हैं महादेव, भक्तों की मनुहार को करते हैं सहर्ष स्वीकार

IANS | February 25, 2025 3:55 PM

नई दिल्ली, 25 फरवरी (आईएएनएस)। महाशिवरात्रि मनाने के दो कारण हैं। इस दिन भगवान शंकर का विवाह हुआ था तो दूसरा (ईशान संहिता के अनुसार) फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी की रात आदिदेव करोड़ों सूर्यों के समान प्रभाव वाले ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट हुए थे। बाद में भक्तों के कल्याण के लिए, उनके गुहार और मनुहार पर भगवान ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट हुए। भारत के उत्तर से लेकर दक्षिण छोर तक बाबा उपस्थित हैं।

महाशिवरात्रि विशेष : यहां मंदिर के शिखर पर त्रिशूल की जगह पंचशूल, दर्शन मात्र से होता है कल्याण

IANS | February 25, 2025 3:40 PM

देवघर, 25 फरवरी (आईएएनएस)। झारखंड के देवघर जिले में बाबा बैद्यनाथ धाम स्थित है। इसे द्वादश ज्योतिर्लिंगों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। महाशिवरात्रि के अवसर पर देवघर स्थित बाबाधाम में कई धार्मिक अनुष्ठान संपादित होते हैं, जिसमें शिव विवाह, चतुष्प्रहर पूजा, सिंदूर दान बेहद खास हैं।

महाशिवरात्रि विशेष : 'श्रीवैद्यनाथं तमहं नमामि', यूं ही नहीं ज्योतिर्लिंगों में देवघर सर्वश्रेष्ठ है...

IANS | February 25, 2025 12:40 PM

देवघर, 25 फरवरी (आईएएनएस)। 'देघरे बिराजे गौरा साथ, बाबा भोलानाथ', पूजनीय भवप्रीतानंद रचित इस झूमर में बाबा बैद्यनाथ की महिमा का बखान है। झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम, जिसे कामनालिंग और हृदयापीठ भी कहा जाता है, एक जागृत स्थल है। बाबा बैद्यनाथ की महिमा अपने आप में अनोखी है, बाबा भोले की भक्ति के रूप अलग-अलग हैं, सबका आशीर्वाद 'तथास्तु' के रूप में पूर्ण होता है। बाबा बैद्यनाथ से आप कुछ भी मांग लीजिए, बाबा उसे पूरा करते हैं। कहते हैं, 'कर्ता करे न कर सके, शिव करे सो होय, तीन लोक नौ खंड में, शिव से बड़ा न कोय।' यह देवघर स्थित कामनालिंग के भक्तों से बढ़कर कोई नहीं जानता है।