टोयोटा ने वायरल वीडियो पर दी सफाई, कहा- इनोवा हाईक्रॉस में खराबी ई20 पेट्रोल से नहीं, दूषित ईंधन से हुई थी

 टोयोटा ने वायरल वीडियो पर दी सफाई, कहा- इनोवा हाईक्रॉस में खराबी ई20 पेट्रोल से नहीं, दूषित ईंधन से हुई थी

नई दिल्ली, 4 जुलाई (आईएएनएस)। टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उस वीडियो पर शुक्रवार को सफाई दी, जिसमें दावा किया गया था कि टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस में ई20 पेट्रोल के इस्तेमाल से तकनीकी खराबी आ गई। कंपनी ने स्पष्ट किया कि उसकी विस्तृत तकनीकी जांच में पाया गया कि वाहन में आई समस्या का कारण दूषित ईंधन था, न कि ई20 फ्यूल।

कंपनी ने बयान में कहा कि संबंधित टोयोटा इनोवा हाईक्रॉस पूरी तरह ई20 ईंधन के अनुकूल वाहन है, जिसे 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग के लिए डिजाइन, परीक्षण और प्रमाणित किया गया है।

टोयोटा के अनुसार, वाहन की विस्तृत तकनीकी जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि समस्या ईंधन में मौजूद अशुद्धियों के कारण हुई थी। निरीक्षण में वाहन के किसी भी पुर्जे या फ्यूल सिस्टम को कोई नुकसान नहीं पाया गया।

कंपनी ने बताया कि उसकी सर्विस टीम ने सबसे पहले वाहन के फ्यूल टैंक और फ्यूल लाइनों की पूरी तरह सफाई की, इसके बाद उसमें मानक ई20 पेट्रोल भरा गया। जांच के बाद वाहन पूरी तरह सामान्य स्थिति में काम करता पाया गया और उसे ग्राहक को वापस सौंप दिया गया।

कंपनी ने कहा कि यह पूरी तरह स्पष्ट है कि यह घटना ई20 पेट्रोल के इस्तेमाल से जुड़ी नहीं थी, बल्कि केवल गैर-मानक और दूषित ईंधन के कारण हुई थी।

टोयोटा ने ग्राहकों को सलाह दी कि वे हमेशा अधिकृत और विश्वसनीय पेट्रोल पंपों से ही ईंधन भरवाएं, ताकि ईंधन में मिलावट या अशुद्धियों से बचा जा सके। कंपनी ने यह भी कहा कि वाहन के प्रदर्शन या ईंधन की अनुकूलता से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए ग्राहक केवल आधिकारिक और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित स्रोतों पर भरोसा करें तथा जरूरत पड़ने पर अधिकृत टोयोटा डीलरशिप या कंपनी के कस्टमर केयर से संपर्क करें।

इस बीच, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) ने भी शुक्रवार को सोशल मीडिया पर फैल रही उन खबरों को भ्रामक और गलत बताया था, जिनमें दावा किया जा रहा था कि ई20 पेट्रोल वाहनों के लिए नुकसानदायक है, इससे प्रदूषण बढ़ता है और इथेनॉल उत्पादन के लिए अत्यधिक पानी की बर्बादी होती है। मंत्रालय ने कहा कि ऐसे दावों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है और लोगों को अफवाहों पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

--आईएएनएस

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