'हम दबाव नहीं झेल पाए', विंबलडन में पहले राउंड की हार पर बोले युकी भांबरी

'हम दबाव नहीं झेल पाए', विंबलडन में पहले राउंड की हार पर बोले युकी भांबरी

नई दिल्ली, 4 जुलाई (आईएएनएस)। भारत के डबल्स खिलाड़ी युकी भांबरी ने कहा है कि विंबलडन के पहले राउंड में मिली हार की वजह उनका और साथी खिलाड़ी माइकल वीनस का टूर्नामेंट का दबाव नहीं झेल पाना है।

भांबरी और न्यूजीलैंड के वीनस को पहले राउंड में डच-अमेरिकन जोड़ी जीन-जूलियन रोजर और थियोडोर वाइनगर ने 3-6, 4-6 से हराया, जिसमें इंडो-कीवी जोड़ी को सर्व पर खुद को हावी करने में मुश्किल हुई, और वे किसी भी ब्रेक-पॉइंट के मौके को भुनाने में नाकाम रहे।

हार के बाद जियो हॉटस्टार पर भांबरी ने कहा, "हमारे खेल के सबसे बड़े टूर्नामेंट में से एक में खेलते हुए, मुझे लगता है कि यह मौका मुझे और मेरे साथी खिलाड़ी माइकल वीनस को मिल गया। हम दबाव नहीं झेल पाए। हमने बहुत, बहुत नर्वस मैच खेला, और इसकी कीमत हमें चुकानी पड़ी। हमारा मूवमेंट तेज नहीं था, हमारा रिटर्न खराब था। हम सर्व पर रिदम नहीं बना पाए।"

पहले राउंड से बाहर होने के बावजूद 33 साल के भांबरी भविष्य को लेकर सकारात्मक हैं।

उन्होंने कहा, "मैं और माइकल साथ में अच्छा कर रहे हैं। इससे पहले हमारे कुछ अच्छे नतीजे रहे हैं। उम्मीद है कि हम कुछ और विंबलडन में वापस आकर इसे ठीक करेंगे। हम इस अनुभव से सीखेंगे और अगली बार बेहतर प्रदर्शन करेंगे।"

भांबरी ने अपना फोकस भारत के दक्षिण कोरिया के खिलाफ आने वाले डेविस कप क्वालीफायर मुकाबले पर किया, और इसे देश के लिए एक बड़ा मौका बताया।

उन्होंने कहा, "एक देश के तौर पर यह हमारे लिए एक बहुत बड़ा मौका है। बाहर जाकर डेविस कप क्वालीफायर जीतना और मेन ड्रॉ में जगह बनाना। भारत लंबे समय से इस स्थिति में नहीं था।"

भांबरी ने कहा, "दक्षिण कोरिया हमारे विरोधी हैं। मुझे यकीन है कि वे भी ऐसा ही सोच रहे होंगे। हमारे पास एक अच्छी टीम है। हमारे खिलाड़ी फॉर्म में हैं और अच्छा खेल रहे हैं। हमें भरोसा है कि हमारे पास दक्षिण कोरिया को हराने और अगले राउंड में आगे बढ़ने का गेम है। हार्ड-कोर्ट सरफेस भारत के पक्ष में काम करेगा क्योंकि टीम का लक्ष्य डेविस कप फाइनल 8 में जगह पक्की करना है।

उन्होंने कहा, "हम हार्ड कोर्ट पर खेलेंगे, जो हमारे खेल के लिए सही है। उम्मीद है कि हम अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे और भारत को फाइनल 8 में पहुंचने में मदद कर पाएंगे। मैं ऐसा होते देखने का इंतजार नहीं कर सकता।"

--आईएएनएस

पीएके