संकट के समय दिखा भारत की डिप्लोमेसी का जलवा, 40 से ज्यादा देशों से आया ईंधन : पीएम मोदी

संकट के समय दिखा भारत की डिप्लोमेसी का जलवा, 40 से ज्यादा देशों से आया ईंधन : पीएम मोदी

जयपुर, 4 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के पचपदरा में भारत के पहले ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिमी एशिया युद्ध से पैदा हुए ऊर्जा संकट का जिक्र करते हुए कहा कि इसी समय में भारत की दूसरे देशों के साथ दोस्ती बहुत काम आई।

प्रधानमंत्री मोदी ने पचपदरा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, "पश्चिमी एशिया में युद्ध के कारण पूरी दुनिया में हाहाकार मचा है। इस युद्ध ने 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट को जन्म दिया है। हालांकि, सही फैसले, सटीक आकलन, प्रभावी रणनीति और कूटनीतिक शक्ति का सकारात्मक इस्तेमाल करके भारत संकट से उबर पाया है।"

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध के समय में भारत की दूसरे देशों के साथ दोस्ती बहुत काम आई। उन्होंने कहा, "जब ये संकट शुरू हुआ था, उससे पहले भारत 25-26 देशों से ईंधन का आयात करता था, लेकिन संकट के समय भारत की डिप्लोमेसी का जलवा दिख गया। दूसरे देशों के साथ हमारे अच्छे संबंध इस संकट की घड़ी में बहुत काम आए।"

उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान ही भारत 40 से ज्यादा देशों से ईंधन मंगाने लगा। भारत ने दुनिया को स्पष्ट संदेश दिया कि हमारे लिए राष्ट्रहित और राष्ट्र के नागरिकों का हित सर्वोपरि है।

इसी बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर ईंधन संकट के बीच अफवाह फैलाने और राजनीतिक खेल खेलने के आरोप लगाए। विपक्ष पर इशारों-इशारों पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा, "बहुत अफवाएं फैलाई गई, लोगों को डराया गया, भड़काया गया, राजनीति के खेल खेले गए। लेकिन जिनके इरादे गलत थे, वो सफल नहीं हो पाए। दूर-सुदूर इलाकों में भी छोटी मोटी अड़चनों के अलावा ईंधन सप्लाई में कोई बड़ी चुनौती नहीं आई।"

उन्होंने कहा कि जब सार्वजनिक तौर पर कुछ ताकतें अफवाह और आशंका फैलाने में व्यस्त थी, तब किस स्तर पर दिन-रात काम हो रहा था और किस तरह स्थिति को संभाला जा रहा था। मेहनत, प्रयास और धैर्य के साथ नीतिगत और कूटनीतिक स्तर पर उठाया गया एक-एक संवेदनशील कदम कभी न कभी इतिहास लिखेगा।

पीएम मोदी ने इस दौरान देश की जनता का आभार भी प्रकट किया। उन्होंने कहा, "आज, मैं 140 करोड़ देशवासियों का आभार प्रकट करता हूं और उन्हें धन्यवाद कहता हूं। जिस तरह वे इस मुश्किल समय में देश के साथ मजबूती से खड़े रहे, जिस तरह देशवासियों ने अफवाह, डर व भ्रम फैलाने वालों का सामना किया और देश में अस्थिरता फैलाने की साजिशों को नाकाम किया, देश उसी विश्वास के भरोसे आगे बढ़ पाया है।"

--आईएएनएस

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