राजस्थान: 700 एकड़ में फैला 7वीं सदी का यह किला, जहां भीम के पैर पटकने से बना था जलाशय

IANS | May 7, 2026 10:54 PM

चित्तौड़, 7 मई (आईएएनएस)। समृद्ध विरासत व इतिहास की गाथा कहती रेत की धरती यानी राजस्थान में ऐसे कई मंदिर, किला व महल हैं, जिनकी बनावट से लेकर सुंदरता और इंजीनियरिंग कमाल की है। साथ ही ये अपने आप में वीरता की कहानी भी समेटे हुए हैं। राजस्थान के चित्तौड़ का चित्तौड़गढ़ किला समृद्ध विरासत और शौर्य की अमर गाथाओं का जीवंत प्रतीक है।

8 मई का पंचांग: ज्येष्ठ कृष्ण षष्ठी पर सर्वार्थ सिद्धि-रवि योग के साथ विजय मुहूर्त, भद्रा भी रहेगी प्रभावी

IANS | May 7, 2026 9:51 AM

नई दिल्ली, 7 मई (आईएएनएस)। सनातन धर्म में पंचांग का बेहद महत्व है। पंचांग के पांचों अंग (तिथि, वार, करण, योग, नक्षत्र ) के आधार पर ही दिन की शुरुआत व शुभ-अशुभ समय का निर्धारण होता है। 8 मई (शुक्रवार) का पंचांग देखें तो ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। इस दिन कई शुभ योगों का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है।

7 मई का पंचांग : ज्येष्ठ कृष्ण की पंचमी तिथि, अभिजित के साथ विजय मुहूर्त का संयोग, नोट कर लें राहुकाल

IANS | May 6, 2026 8:51 AM

नई दिल्ली, 6 मई (आईएएनएस)। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि 7 मई (गुरुवार) को सूर्योदय के समय रहेगी। इस दिन पंचमी तिथि 10 बजकर 13 मिनट सुबह तक रहेगी। यानी उदयातिथि के हिसाब से पूरे दिन इसी तिथि का मान होगा। सनातन में यह दिन खास है क्योंकि अभिजित मुहूर्त और विजय मुहूर्त का संयोग बन रहा है, जो किसी नए कार्य की शुरुआत के लिए उत्तम है।

पहाड़ों पर बसा स्वर्ग है महादेव का ये अद्भुत धाम, जहां दर्शन मात्र से पूरी होती है मनोकामना

IANS | May 5, 2026 10:50 PM

रांची, 5 मई (आईएएनएस)। देश-दुनिया में देवाधिदेव महादेव के कई देवालय हैं, जो अद्भुत बनावट के साथ भक्ति की गाथा भी कहते हैं। ऐसा ही भगवान शिव का दिव्य धाम झारखंड की राजधानी रांची से कुछ दूर पहाड़ों की गोद में स्थित है, जिसकी बनावट देखकर श्रद्धालुओं के साथ पर्यटकों को भी शानदार अनुभव मिलता है।

6 मई का पंचांग : ज्येष्ठ कृष्ण की चतुर्थी तिथि, नोट कर लें शुभ-अशुभ समय

IANS | May 5, 2026 8:54 AM

नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। तिथि, नक्षत्र, योग, वार और करण के आधार पर दिन की शुरुआत व शुभ-अशुभ समय का निर्धारण किया जाता है। बुधवार 6 मई को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि रहेगी। इस दिन विशेष कार्यों के लिए शुभ-अशुभ समय जानना जरूरी है।

रांची में है देवी काली का 700 साल पुराना मंदिर, बांस पर लाल-पीले धागे बांधने से पूरी होती है मनोकामना

IANS | May 4, 2026 11:44 PM

रांची, 4 मई (आईएएनएस)। देश भर में भगवती के समर्पित कई भव्य व भक्ति से भरे देवालय हैं। ऐसा ही दिव्य मंदिर झारखंड की राजधानी रांची से मात्र 60 किलोमीटर दूर देवड़ी गांव में स्थित है। देवड़ी मंदिर भक्तों के लिए एक बेहद प्रसिद्ध और चमत्कारी तीर्थस्थल है। देवी काली को समर्पित यह मंदिर करीब 700 साल पुराना है।

5 मई को एकदंत संकष्टी, अभिजित के साथ विजय मुहूर्त का शुभ संयोग, नोट कर लें राहुकाल का समय

IANS | May 4, 2026 8:59 AM

नई दिल्ली, 4 मई (आईएएनएस)। विघ्न विनाशन भगवान श्री गणेश को समर्पित एकदंत संकष्टी चतुर्थी का पर्व 5 मई (मंगलवार) को पड़ रहा है। बैशाख मास कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को एकदंत संकष्टी मनाई जाती है। इस दिन भगवान गणेश के एकदंत रूप की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।

झारखंड का दिव्य और शांत स्थल, जहां बदलते मौसम में दिखते हैं प्रकृति के कई रंग, माता सीता से जुड़ी है मान्यता

IANS | May 3, 2026 11:30 PM

रांची, 3 मई (आईएएनएस)। झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता का अनमोल खजाना सीता प्रपात है। रांची से कुछ दूरी पर स्थित घने जंगलों में बसा यह झरना न सिर्फ अपनी खूबसूरती के लिए जाना जाता है, बल्कि माता सीता से जुड़ी पौराणिक मान्यता के कारण भी श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है।

ज्येष्ठ कृष्ण तृतीया पर सर्वार्थ सिद्धि योग और अभिजित मुहूर्त का शुभ संयोग, नोट कर लें भद्रा का समय

IANS | May 3, 2026 8:59 AM

नई दिल्ली, 3 मई (आईएएनएस)। सनातन धर्म में पंचांग का बेहद महत्व है। दिन की शुरुआत के साथ ही छोटे-बड़े हर एक काम के लिए इसके पांच अंगों (नक्षत्र, योग, करण, तिथि, वार) का विचार किया जाता है। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि 4 मई (सोमवार) को है।

बंगाल में भगवती को समर्पित 7वीं सदी का अद्भुत मंदिर, जो कहलाता है 'त्रिकोणमितीय सर्वेक्षण टावर'

IANS | May 2, 2026 9:35 PM

दुर्गापुर, 2 मई (आईएएनएस)। देश-दुनिया में भगवती को समर्पित कई भव्य और प्राचीन मंदिर हैं। पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर के पास गौरांगपुर में स्थित इच्छाई घोषेर देउल (इच्छाई घोषेर मंदिर) 7वीं शताब्दी का एक शानदार प्राचीन मंदिर है। देवी भगवती को समर्पित यह मंदिर अपनी अनोखी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है।