कृष्ण वामन द्वादशी पर विजय मुहूर्त के साथ त्रिपुष्कर योग, नोट कर लें राहुकाल

IANS | April 13, 2026 9:23 AM

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल द्वादशी को मनाई जाने वाली वामन द्वादशी के लगभग पंद्रह दिन बाद कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को कृष्ण वामन द्वादशी पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा-अर्चना की जाती है।

राजस्थान में भगवान देव नारायण की आस्था से जुड़ा अनोखा गांव, जहां नहीं लगते घरों में ताले

IANS | April 12, 2026 5:59 PM

नई दिल्ली, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। देश-दुनिया के कोने-कोने में कई खूबसूरत और आस्था को प्रगाढ़ करते देवालय हैं, जिनके शिखर मात्र से भक्तों का मन प्रसन्न हो जाता है। मात्र देवालय या शिखर ही नहीं बल्कि मंदिर के आस पास की जगह भी बेहद खूबसूरत और उससे जुड़ी कथा हैरत में डालती है। ऐसा ही नारायण को समर्पित राजस्थान में एक खूबसूरत गांव है, जो नारायण को समर्पित है।

वरूथिनी एकादशी : नारायण की आराधना का सर्वोत्तम दिन, नोट कर लें शुभ-अशुभ समय

IANS | April 12, 2026 8:57 AM

नई दिल्ली, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। हिंदू पंचांग के अनुसार बैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को वरूथिनी एकादशी पड़ती है। इस वर्ष यह पवित्र व्रत 13 अप्रैल सोमवार को रखा जाएगा।

नागराज मंदिर: यहां भक्तों को प्रसाद में मिलती है जादुई रेत, दर्शन मात्र से दूर होता है काल सर्प दोष

IANS | April 11, 2026 4:58 PM

नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत की हर दिशा में 33 कोटि देवी-देवताओं के निवास स्थान और चमत्कारों से भरे मंदिर देखने को मिल जाएंगे। उत्तर से लेकर दक्षिण में जहां भगवान भोलेनाथ के अलग-अलग मंदिर और ज्योतिर्लिंग स्थापित हैं, वहीं नागराज के मंदिर भी देखने को मिल जाते हैं। जहां भक्त काल सर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए आते हैं, लेकिन हम कन्याकुमारी के ऐसे मंदिर के बारे में बताएंगे, जहां भक्तों को प्रसाद के रूप में रेत दिया जाता है।

जोग फॉल्स: गर्मियों में एडवेंचर के शौकीनों के लिए खास जगह,1400 सीढ़ियां उतरकर मिलता है रोमांचक अनुभव

IANS | April 11, 2026 3:37 PM

नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत देश में प्रकृति से भरे स्थलों की कमी नहीं है, लेकिन कौन स्थल ज्यादा शांति और सुकून देने वाला है, इसको लेकर संशय हमेशा बना रहता है।

11वीं सदी में हुआ था इस सीढ़ीदार कुएं का निर्माण, उल्टे मंदिर जैसा दिखता है जल वास्तुकला का बेमिसाल प्रमाण, सौ के नोटों पर भी अंकित

IANS | April 11, 2026 3:16 PM

पाटन, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत एक ऐसा देश है, जिसके कोने-कोने में खूबसूरती है, वह प्रकृति की हो या मानव रचित सभी बेमिसाल हैं। बात प्राचीन वास्तुकला की हो तो उसके लिए दुनिया भर में मशहूर है। गुजरात राज्य में भी एक ऐसी अनोखी धरोहर है, जो सीढ़ीदार कुएं सा दिखता है और इसका निर्माण 11वीं सदी में हुआ था। यह सीढ़ीदार कुआं उल्टे मंदिर जैसा दिखता है और जल वास्तुकला का बेमिसाल नमूना है। यह इतना खास है कि भारतीय 100 रुपए के नोट पर भी इसकी तस्वीर अंकित है।

12 अप्रैल का पंचांग : बैशाख कृष्ण की दशमी तिथि, नोट कर लें शुभ-अशुभ समय

IANS | April 11, 2026 9:17 AM

नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। सनातन धर्म में पंचांग के अनुसार ही दिन की शुरुआत और शुभ-अशुभ समय का निर्धारण किया जाता है। 12 अप्रैल, रविवार को बैशाख मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि रहेगी। यह तिथि 13 अप्रैल की देर रात 1 बजकर 16 मिनट तक रहेगी।

सलाउलिम बांध: सिर्फ समंदर ही नहीं, 'रंगीन सिंक होल' के लिए फेमस है गोवा, शांति और सुकून का मिलता है अनुभव

IANS | April 10, 2026 11:04 PM

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। गोवा का नाम आते ही सबसे पहले बीच और समंदर का नजारा आंखों के सामने आता है, लेकिन गोवा सिर्फ बीच और समंदर की लहरों तक ही सीमित नहीं है।

पाप, रोग और परेशानियों से मुक्ति दिलाएंगे उज्जैन के सप्तसागर, पुराणों में भी जिक्र

IANS | April 10, 2026 5:57 PM

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। हमारे देश में मंदिर से लेकर सरोवर तक का पौराणिक महत्व है। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में जितना महत्व महादेव के मंदिरों का है, उतना ही सप्त सागर का है।

सीढ़ीदार भूलभुलैया में एक बावड़ी : 9वीं शताब्दी में बना राजस्थान का हैरत में डालता कुआं, 'प्रसन्नता की देवी' को है समर्पित

IANS | April 10, 2026 1:46 PM

जयपुर, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। देश के कोने-कोने में ऐसे कई खूबसूरत वास्तुशिल्प के साथ बने आध्यात्मिक स्थल हैं, जो न केवल आंखों को राहत देते हैं बल्कि उसकी कथा उसके पीछे का विज्ञान हैरत में भी डालता है। ऐसा ही एक स्थल राजस्थान की राजधानी जयपुर से करीब 90 किलोमीटर दूर स्थित है। 9वीं शताब्दी में बना यह कुआं 'प्रसन्नता की देवी' को है समर्पित है, इस स्थल को सीढ़ीदार भूलभुलैया में बनी एक बावड़ी भी कहा जाता है।