कश्मीर: विरासत की तलाश में, यादों से वतन वापस लौटने का सफर
वाशिंगटन, 18 मई (आईएएनएस)। 36 साल तक शीरिन रैना के लिए कश्मीर सिर्फ टुकड़ों में बसी यादों जैसा था। न्यू जर्सी में खाने की मेज पर सुनी गई कहानियां, पुरानी पड़ चुकी तस्वीरें, मंदिरों के नाम और माता-पिता की वे यादें, जो एक रात अचानक कश्मीर छोड़कर चले गए थे और फिर कभी वास्तव में लौट नहीं पाए।