स्मृति शेष : पत्रकारिता के पितामह, हर किरदार में कुलदीप नैयर रहे दमदार
नई दिल्ली, 23 अगस्त (आईएएनएस)। आज किसी दल के विरोध का मतलब उसके नेता से लेकर कार्यकर्ता तक आपके विरोधी हो जाएंगे। एक शख्सियत ऐसी रही, जिसके विरोध ने भी राजनीतिक दलों के दिल में उनके लिए नफरत को जगह नहीं दी।