खलनायकी के 'मदन चोपड़ा' : सिल्वर स्क्रीन पर एक्टिंग से उड़ान भरता 'पायलट', हर किरदार में दमदार
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। साल 1993, भारतीय सिनेमा का एक ऐसा मोड़ था, जब पारंपरिक नायक-खलनायक की परिभाषा हमेशा के लिए बदलने वाली थी। पर्दे पर एक युवा, जुनूनी नायक (शाहरुख खान) अपने ही दोस्त के पिता से बदला लेने की आग में जल रहा था। यह पिता कोई गली-मोहल्ले का गुंडा नहीं था, बल्कि एक सूट-बूट वाला, ताकतवर बिजनेसमैन, जिसकी आंखों में क्रूरता और चेहरे पर शालीनता का मुखौटा था। यह किरदार था मदन चोपड़ा का।