रामविलास के 'चिराग' : फिल्मी पर्दे के बाद राजनीति में 'एक्शन', ऐसा रहा 'हनुमान' का सफर
नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। साल 2011, फिल्म का नाम था 'मिले ना मिले हम'। पर्दे पर उसकी नायिका थीं, बॉलीवुड की क्वीन कंगना रनौत। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह असफल रही, जिस युवा अभिनेता को लगता था कि यह उसका लॉन्चपैड होगा, उसके लिए यह अनुभव एक कड़वा सच बन गया। वह हीरो, जिसने कैमरे के सामने अपनी पूरी जान लगा दी थी, अचानक समझ गया कि उसकी नियति मुंबई की चकाचौंध में नहीं, बल्कि बिहार के राजनीति से दिल्ली तक फैली है।