पुण्यतिथि विशेष : अपने साथ शिवलिंग, सेवा की भावना और हृदय में नारी सम्मान; ऐसी थीं अहिल्याबाई होल्कर
नई दिल्ली, 12 अगस्त (आईएएनएस)। इतिहास के पन्नों पर नजर डालने पर, कई महिलाओं की वीरता और करुणा की कहानियां सामने आती हैं। ये महिलाएं बाधाओं और परंपराओं से घिरी हुई थीं, फिर भी उन्होंने जीवन की कठिनाइयों का मुकाबला किया और अपनी मातृभूमि की सेवा के लिए दृढ़ संकल्पित रहीं। ये कहानियां हर पीढ़ी को उनके छोड़े गए पदचिह्नों की याद दिलाती हैं। ऐसी ही एक किंवदंती, एक बहादुर योद्धा और एक महान नेता, मालवा की रानी "देवी अहिल्याबाई होल्कर" हैं, जिन्हें राजमाता और देवी के रूप में सम्मानित किया जाता है।