जयंती विशेष: समाज सुधार की मशाल जलाने वाले कलम के सिपाही गोपाल गणेश आगरकर
नई दिल्ली, 13 जुलाई (आईएएनएस)। जब समाज परंपराओं की बेड़ियों में जकड़ा था और बोलने भर को क्रांति माना जाता था, तभी एक युवक ने न सिर्फ सामाजिक रूढ़ियों को चुनौती दी, बल्कि उन पर सवाल उठाकर एक पूरी पीढ़ी को सोचने की नई दिशा दी। वह समाज सुधारक, कलम का सिपाही और विचारों का योद्धा था, जो कुरीतियों से लड़ने के लिए किसी तलवार की नहीं, विवेक और शिक्षा की मशाल लेकर चला था। उस शख्स का नाम था गोपाल गणेश आगरकर।