IANS
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July 14, 2026 2:26 PM
नई दिल्ली, 14 जुलाई (आईएएनएस)। पिछले कुछ समय से देश में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण (ई20 यानी 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण) को लेकर काफी चर्चा हो रही है। देश भर में लोगों ने इसे लेकर सवाल उठाए हैं और सरकार के इस फैसले का विरोध किए हैं। लेकिन वैश्विक तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां करती है। दरअसल, भारत इस दिशा में अकेला नहीं है। दुनिया के कई बड़े और विकसित देश पहले से ही पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग को अपनाकर स्वच्छ ईंधन, ऊर्जा सुरक्षा और आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इतना ही नहीं, कुछ देश तो ई30, ई85 और यहां तक कि ई100 जैसे उच्च स्तर के एथेनॉल मिश्रण पर भी काम कर रहे हैं। ऐसे में भारत का ई20 अभियान वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन का ही एक हिस्सा माना जा रहा है।