भुना, भीगा या पकाया हुआ चना: कौन सा है शरीर के लिए है ज्यादा पौष्टिक
नई दिल्ली, 16 मार्च (आईएएनएस)। शरीर के संचालन के लिए प्रोटीन की आवश्यकता सबसे ज्यादा पड़ती है, क्योंकि यह कोशिकाओं को मजबूती और शरीर को ऊर्जा देता है।
नई दिल्ली, 16 मार्च (आईएएनएस)। शरीर के संचालन के लिए प्रोटीन की आवश्यकता सबसे ज्यादा पड़ती है, क्योंकि यह कोशिकाओं को मजबूती और शरीर को ऊर्जा देता है।
नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। आज के समय की अनियमित जीवनशैली में सेहत की अनदेखी लाजमी है। ऐसे में शरीर कई बीमारियों की जद में आसानी से आ जाता है। ऐसी दिखने में सामान्य लेकिन गंभीर शारीरिक समस्या का नाम ब्लड प्रेशर है।
नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। ध्यान, योग की अष्टांग प्रक्रिया का सातवां अंग है, जो मन को एकाग्र कर चित्त की वृत्तियों को रोकता है। यह प्राचीन भारतीय परंपरा में आत्मज्ञान, शांति और समाधि प्राप्ति का प्रमुख साधन रहा है। आज के तनावपूर्ण जीवन में ध्यान का महत्व बहुत बढ़ गया है, क्योंकि यह मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।
नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। गर्मियों की शुरुआत के साथ टैनिंग की परेशानी का डर सबको सताने लगता है। तेज चिलचिलाती धूप में चेहरे, पैर, गर्दन और हाथ पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिलता है।
नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। आयुर्वेद और योग के अनुसार, मानव शरीर में 10 प्रकार की वायु (प्राण) प्रवाहित होती है। ये प्राण जीवन ऊर्जा के रूप में काम करते हैं और सभी शारीरिक क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। आयुर्वेद में इन प्राणों को वायु तत्व का हिस्सा माना जाता है। इन्हें दो मुख्य भागों में विभाजित किया गया है, जिनमें मुख्य प्राण और उप प्राण शामिल है।
नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। आज के समय में शुगर की बीमारी से तेजी से लोग ग्रस्त हो रहे हैं। काम में व्यस्त लोगों को पता ही नहीं लगता है कि धीरे-धीरे बीमारी उनके शरीर में पनप रही है।
नई दिल्ली, 15 मार्च (आईएएनएस)। कुछ लोगों को सुबह उठते ही नाक बंद, छींक आना और सिर का भारी होना जैसे लक्षण महसूस होते हैं।
नई दिल्ली, 14 मार्च (आईएएनएस)। आज की जीवनशैली में खुद के लिए समय निकाल पाना बहुत मुश्किल है और इससे सेहत सीधे तौर पर प्रभावित होती है।
नई दिल्ली, 14 मार्च (आईएएनएस)। स्वाद और सेहत का संबंध सिर्फ आहार से ही नहीं बल्कि शुद्ध आहार से भी जुड़ा है। अच्छी सेहत के लिए अच्छे आहार ही नहीं बल्कि उसमें इस्तेमाल होने वाली सही चीजों की पहचान पर भी निर्भर करती है, खासकर मसालों में।
नई दिल्ली, 14 मार्च (आईएएनएस)। आयुर्वेद में प्रकृति से मिली जड़ी-बूटियों से सदियों से रोगों का इलाज किया जा रहा है। कुछ जड़ी-बूटियां हमारी किचन में ही मौजूद हैं, जिनके सेवन मात्र से शरीर को सेहत का वरदान मिल सकता है।