औपनिवेशिक जंजीरों को तोड़ घाना हुआ आजाद और हुई अफ्रीका के नए युग की शुरुआत
नई दिल्ली, 5 मार्च (आईएएनएस)। आकरा की सड़कों पर उमड़ी भीड़, लहराते लाल-पीले-हरे झंडे और आज़ादी के गीत—यह वह ऐतिहासिक क्षण था जब पश्चिम अफ्रीका का ब्रिटिश उपनिवेश घाना एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में उभरा। मध्यरात्रि के ठीक बाद सत्ता का औपचारिक हस्तांतरण हुआ, और औपनिवेशिक शासन के अंत की घोषणा ने पूरे महाद्वीप में नई उम्मीद जगा दी।