मानसी जोशी : एक्सीडेंट में गंवाया एक पैर, फिर भी नहीं मानी हार, विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर रचा इतिहास
नई दिल्ली, 10 जून (आईएएनएस)। 'मन के जीते जीत है, मन के हारे हार, हार गए जो बिन लड़े, उन पर है धिक्कार।' जिंदगी में कुछ हादसे ऐसे होते हैं, जो आपकी जिंदगी को बदलकर रख देते हैं। हालांकि, जो हर परिस्थिति को स्वीकार करके बहादुरी से लड़ाई लड़ता है, उसका साथ किस्मत भी देती है। सड़क हादसे में अपना एक पैर गंवाने वालीं मानसी जोशी भी उन बहादुर खिलाड़ियों में से एक हैं, जो हालात के आगे झुकी नहीं, बल्कि उससे लड़कर अपनी विश्व स्तर पर पहचान बनाई।