क्यों फिट बॉडी और माइंड के लिए जरूरी है 'हिट' माइक्रोबायोम?

IANS | March 9, 2026 2:57 PM

नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। मानव शरीर सूक्ष्मजीवों का एक विशाल संसार है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में 'माइक्रोबायोम' कहा जाता है। यह मुख्य रूप से हमारी आंतों में रहने वाले बैक्टीरिया, वायरस, कवक (फंगस) और उनके जीन्स का एक जटिल संग्रह है। इन्हें केवल सूक्ष्मदर्शी (माइक्रोस्कोप) की सहायता से ही देखा जा सकता है। हमारे स्वास्थ्य में इनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ये न केवल भोजन के पाचन में सहायक होते हैं, बल्कि हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को सुदृढ़ कर शरीर को विभिन्न संक्रमणों और रोगों से सुरक्षा प्रदान करते हैं।

ईरानी सुप्रीम लीडर पर हमले का चीन ने किया विरोध

IANS | March 9, 2026 2:38 PM

बीजिंग, 9 मार्च (आईएएनएस)। ईरान के सर्वोच्च नेता का ऐलान हो गया है। इस सबके बीच इजरायल और अमेरिका की ओर से की गई टिप्पणी भी चर्चा में है। जिसमें साफ कहा गया है कि उन्हें अयातुल्ला का उत्तराधिकारी बर्दाश्त नहीं होगा। इस बीच चीन ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को निशाना बनाए जाने की किसी भी कोशिश का विरोध किया है।

अंतरिक्ष में भोजन करने वाले पहले इंसान थे यूरी गागरिन, कुछ ऐसा था 'स्पेस फूड' एक्सपीरिएंस

IANS | March 9, 2026 1:13 PM

नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। 12 अप्रैल 1961 को सोवियत अंतरिक्ष यात्री (कॉस्मोनॉट) यूरी गागरिन ने 'वोस्तोक-1' मिशन के जरिए न केवल अंतरिक्ष में पहुंचने वाले पहले मानव होने का गौरव हासिल किया, बल्कि वे शून्य गुरुत्वाकर्षण (जीरो ग्रेविटी) में भोजन करने वाले पहले व्यक्ति भी बने। पृथ्वी की परिक्रमा के दौरान गागरिन ने एल्युमिनियम ट्यूब की मदद से 'बीफ और लिवर पेस्ट' को सीधे अपने मुंह में निचोड़कर खाया था।

स्पेस में जाने वाले पहले एस्ट्रोनॉट यूरी गागरिन, जब कैप्सूल छोड़ स्पेसक्राफ्ट से लगाई थी 'छलांग'

IANS | March 9, 2026 11:10 AM

नई दिल्ली, 9 मार्च (आईएएनएस)। 12 अप्रैल 1961 का वह ऐतिहासिक दिन जब सोवियत संघ के कॉस्मोनॉट यूरी गागरिन स्पेस में जाने वाले पहले इंसान बने। उनकी उड़ान ने मानव इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा। "पोयेखाली!!" (चलो चलें) कहते हुए उन्होंने कजाकिस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से वोस्तोक 1 स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर उड़ान भरी थी।

महिलाओं के लिए क्यों बेहद जरूरी योगासन? जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट

IANS | March 8, 2026 10:13 PM

नई दिल्ली, 8 मार्च (आईएएनएस)। महिलाएं अक्सर घर, परिवार और काम की जिम्मेदारियों में इतनी व्यस्त रहती हैं कि खुद के लिए समय नहीं निकाल पातीं। इससे धीरे-धीरे थकान, तनाव और कई स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ने लगती हैं। उम्र के अलग-अलग चरणों में महिलाओं के सामने चुनौतियां आती हैं। जैसे किशोरावस्था में पीरियड्स की तकलीफें, गर्भावस्था में वजन बढ़ना और तनाव, फिर मेनोपॉज और बुढ़ापे से जुड़ी समस्याएं। इन सभी में योग बेहद फायदेमंद साबित होता है।

नेपाल: आरएसपी की 'महिला ब्रिगेड' ने कर दिया कमाल, भारी जनसमर्थन के साथ बनाया खास मुकाम

IANS | March 8, 2026 8:24 PM

काठमांडू, 8 मार्च (आईएएनएस)। नेपाल के हालिया संसदीय चुनावों में राष्ट्रीय स्वतंत्रता पार्टी (आरएसपी) ने सिर्फ राजनीतिक सफलता ही नहीं हासिल की, बल्कि महिला प्रतिनिधित्व के मामले में भी एक उल्लेखनीय उदाहरण पेश किया है। पार्टी की 16 महिला उम्मीदवारों में से 13 ने जीत हासिल की, जो नेपाल की चुनावी राजनीति में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

पीरियड्स के दौरान क्यों जरूरी है संतुलित आहार और आराम

IANS | March 8, 2026 7:48 PM

नई दिल्ली, 8 मार्च (आईएएनएस)। पीरियड्स या मासिक धर्म कोई बीमारी नहीं, बल्कि महिलाओं की एक प्राकृतिक और सामान्य प्रक्रिया है। सही खान-पान, आयरन युक्त भोजन और पर्याप्त आराम से इन दिनों में होने वाली थकान, कमजोरी और अन्य असुविधाओं को काफी हद तक कम कर राहत पाई जा सकती है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस : खुद के स्वास्थ्य को दें प्राथमिकता, योग, आहार व पर्याप्त नींद से बनेगी बात

IANS | March 8, 2026 6:30 PM

नई दिल्ली, 8 मार्च (आईएएनएस)। कहते हैं कि एक महिला अपने परिवार के साथ ही ऑफिस और बाहर के काम को भी संभालती है। कई जिम्मेदारियों के बीच अक्सर सेहत को लेकर अनदेखी हो जाती है, जो सही नहीं है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने महिलाओं से अपने स्वास्थ्य को सबसे पहले रखने की अपील की है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026: विकसित भारत की आधारशिला है 'नारी शक्ति'

IANS | March 8, 2026 1:37 PM

नई दिल्ली, 8 मार्च (आईएएनएस)। हर साल 8 मार्च को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, महिला अधिकारों और समानता की दिशा में तय किए गए एक लंबे संघर्षपूर्ण सफर की याद दिलाता है। श्रमिक आंदोलनों और मताधिकार अभियानों से लेकर वैश्विक अधिकार सम्मेलनों तक, महिलाओं के सामूहिक प्रयासों ने संस्थाओं को नया रूप दिया है और सामाजिक प्रगति को आगे बढ़ाया है। 1977 में संयुक्त राष्ट्र की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को दी गई मान्यता, वास्तव में उस आंदोलन का सम्मान था जो पहले से ही समाजों में बदलाव ला रहा था।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: तालिबान के दमन के बावजूद महिलाओं के हक की आवाज बना 'रेडियो बेगम'

IANS | March 8, 2026 1:11 PM

नई दिल्ली, 8 मार्च (आईएएनएस)। दुनिया में हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर आज हम उन महिलाओं की चर्चा कर रहे हैं, जिन्हें अपनी पहचान और अस्तित्व के लिए निरंतर संघर्ष करना पड़ रहा है। बात अफगानिस्तान की है, जहां सत्ता परिवर्तन के बाद से महिलाओं और किशोरियों का जीवन अत्यंत चुनौतीपूर्ण और कष्टकारी हो गया है।