सोलर पावर से आत्मनिर्भर बना मोढेरा, ग्रामीणों की जेब में बचत ही बचत

IANS | December 3, 2025 7:25 PM

मेहसाणा, 3 दिसंबर (आईएएनएस)। गुजरात के मेहसाणा जिले का मोढेरा गांव 11वीं शताब्दी में बने ऐतिहासिक सूर्य मंदिर के लिए दुनिया भर में जाना जाता था। आज यह अपनी सौर ऊर्जा वाली पहचान के लिए और भी ज्यादा चर्चा में है। यहां के हर घर, हर गली और हर सरकारी इमारत की छत पर सोलर पैनल लगे हुए हैं। पूरे गांव में 1,300 से ज्यादा रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए गए हैं, जिसकी वजह से अब लोगों का बिजली बिल लगभग शून्य हो चुका है।

श्री बाला ब्रह्मेश्वर स्वामी: आक्रमणकारियों के हमले के बाद भी मजबूती से खड़ा शिव मंदिर

IANS | December 3, 2025 7:18 PM

नई दिल्ली, 3 दिसंबर (आईएएनएस)। आंध्रप्रदेश में श्रीकालहस्ती मंदिर को दक्षिण का कैलाश कहा जाता है। लेकिन, भगवान शिव का एक अन्य मंदिर भी है, जिसे प्राचीन काल से ही 'दक्षिण के कैलाश' की उपाधि मिली हुई है।

बनफशा का फूल : सर्दी-खांसी या गले में खराश से देता है राहत, सेवन से मिलते हैं कमाल के फायदे

IANS | December 3, 2025 7:00 PM

नई दिल्ली, 3 दिसंबर (आईएएनएस)। सर्दियों में ज्यादातर घरों में खांसी, गले की खराश और बुखार की शिकायत देखने को मिलती है। प्रकृति ने फल-फूल के रूप में कई ऐसी औषधियां दी है, जो स्वास्थ्य के लिए उत्तम होती हैं। ऐसी ही एक औषधि का नाम बनफशा का फूल है।

अनोखे मंदिर : जहां महिलाएं संभालती हैं बागडोर, मासिक धर्म में भी पूजा की अनुमति

IANS | December 3, 2025 6:42 PM

नई दिल्ली, 3 दिसंबर (आईएएनएस)। देश के हर कोने में रहस्यमयी और चमत्कारी मंदिर देखने को मिल जाएंगे, जहां मंदिर के मुख्य पुजारी के तौर पर पुरुषों की प्रधानता देखी गई है। लेकिन, दक्षिण भारत में कई ऐसे मंदिर हैं, जहां नारी शक्ति का जीता-जागता उदाहरण देखने को मिलता है।

प्रकृति का तोहफा: तोप के गोले सा दिखता है नागलिंग का फल, सेवन से मिलते हैं अनगिनत फायदे

IANS | December 3, 2025 3:50 PM

नई दिल्ली, 3 दिसंबर (आईएएनएस)। प्रकृति ने ऐसे कई तोहफे महत्वपूर्ण औषधियों के रूप में दिए हैं, जिसके सेवन से स्वस्थ रहा जा सकता है। ऐसे ही एक तोहफे का नाम नागलिंग है, जिसका फल तोप के गोले सा दिखता है।

नाड़ीशोधन प्राणायामः रोजाना कुछ मिनटों के अभ्यास से मिलेगी मन को शांति और एकाग्रता

IANS | December 3, 2025 3:24 PM

नई दिल्ली, 3 दिसंबर (आईएएनएस)। आज के व्यस्त समय में तन-मन दोनों को स्वस्थ रखना है तो योग और प्राणायाम सबसे सही विकल्प है। नाड़ीशोधन प्राणायाम को सबसे सरल और प्रभावी तकनीकों में से एक माना जाता है। यह प्राणायाम न केवल सांस को संतुलित करता है, बल्कि मन-मस्तिष्क पर गहरा सकारात्मक प्रभाव डालता है।

पाकिस्तान में सीडीएफ संकट: क्या भारत का पड़ोसी मुल्क बिखरने की कगार पर!

IANS | December 3, 2025 2:30 PM

नई दिल्ली, 3 दिसंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान में चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (सीडीएएफ) को लेकर मचा तूफान अब सिर्फ सत्ता संघर्ष नहीं रहा, बल्कि यह दक्षिण एशिया की सुरक्षा व्यवस्था को हिलाने वाला संकट बन चुका है। 27वें संविधान संशोधन के बाद आसिम मुनीर को तीनों सेनाओं का सर्वोच्च कमांडर बनाने की प्रक्रिया जिस तरह ठहरी हुई है, उसने पाकिस्तान को एक बार फिर उस मोड़ पर ला खड़ा किया है जहां सैन्य, राजनीतिक और न्यायिक ढांचे एक-दूसरे पर अविश्वास की लड़ाई में उलझ चुके हैं।

विश्व विकलांगता दिवस : पहुंच, सामर्थ्य और समानता पर विचार करने का दिन, जानें क्या कहती है इस साल की थीम

IANS | December 3, 2025 10:42 AM

नई दिल्ली, 3 दिसंबर (आईएएनएस)। हर साल 3 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय विकलांगजन दिवस मनाया जाता है। यह दिवस शारीरिक या मानसिक रूप से अक्षम लोगों के लिए पहुंच, सामर्थ्य और समानता सुनिश्चित करने पर बल देता है। इसका मुख्य उद्देश्य विकलांगता से जूझ रहे लोगों के प्रति होने वाले अपमान, भेदभाव और हाशिए पर धकेलने जैसे गंभीर मुद्दों पर गहराई से विचार करना है।

लांस नायक अल्बर्ट एक्का के साहस के आगे पस्त हो गए थे पाकिस्तानी, फिर बना था बांग्लादेश

IANS | December 2, 2025 11:59 PM

नई दिल्ली, 2 दिसंबर (आईएएनएस)। भारतीय सेना के इतिहास में कई बहादुर जवान हुए हैं। जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना दुश्मनों को न सिर्फ हराया, बल्कि देश का सिर गर्व से ऊंचा किया। ऐसे ही एक बहादुर जवान लांस नायक अल्बर्ट एक्का हैं।

शब्दों के शिल्पी : स्याही से उकेरी क्रांति की गाथा, हर शब्द में आंदोलन को समेटा

IANS | December 2, 2025 10:14 PM

नई दिल्ली, 2 दिसंबर (आईएएनएस)। पंजाब के एक छोटे से कस्बे फिरोजपुर छावनी में जन्मे यशपाल शर्मा एक ऐसे इंसान थे, जिनकी जिंदगी में आग और कलम दोनों का सामंजस्य था। उनके पिता हीरालाल साधारण कारोबारी थे, पढ़ाई-लिखाई में ज्यादा रूचि नहीं रखते थे, लेकिन उनकी मां ने यशपाल के भीतर विद्या और विचार की ज्वाला जलाने की ठान ली थी। वे चाहती थीं कि उनका बेटा स्वामी दयानंद के आदर्शों की तरह तेजस्वी बने, समाज और देश के लिए कुछ करे।