15 अगस्त विशेष: जब देश को मिला 'पिन कोड', चिट्ठियों की दुनिया में आई क्रांति
नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। 15 अगस्त 1972 को न सिर्फ तिरंगे ने आसमान में अपनी शान बिखेरी, बल्कि भारतीय डाक व्यवस्था में भी एक नया सूरज उगा- पोस्टल इंडेक्स नंबर, यानी पिन कोड। 70 के दशक में चिट्ठियां हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा थीं, लेकिन सही पते पर इन चिट्ठियों का पहुंचना कई बार किस्मत का खेल बन जाता था। वजह थी कई शहरों और गांवों के नाम का एक जैसा होना। इन उलझनों से छुटकारा पाने के लिए एक सटीक कोडिंग सिस्टम की जरूरत महसूस होने लगी और यहीं से पिन कोड का जन्म हुआ।