यादों में अनवर : भगवद् गीता के उर्दू अनुवादक, मुशायरों के चहेते और सामाजिक सौहार्द के रहे पैरोकार
नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। साल था 2018 और तारीख थी 2 जनवरी… जब उर्दू शायरी की दुनिया में अजीब सी खामोशी छा गई। इस दिन उस शख्स ने दुनिया को अलविदा कह दिया, जिसकी आवाज ने मुशायरों को रौशन किया, जिसकी कलम ने संस्कृत के श्लोकों को उर्दू के शेरों में ढाला। उस शख्स ने साहित्य को सामाजिक सौहार्द का जरिया बनाया और उनका नाम था अनवर जलालपुरी।