जापान, 10 जनवरी (आईएएनएस)। चीन के सख्त तेवरों का असर जापान की अर्थव्यवस्था पर पड़ने लगा है। बीजिंग की रेयर अर्थ तत्वों पर मजबूत पकड़ और हालिया निर्यात प्रतिबंधों के बीच बढ़ती चिंताओं के चलते जापान ने जी-7 सहयोगियों और अन्य देशों से मदद की गुहार लगाई है।
क्योदो न्यूज एजेंसी ने जापानी वित्त मंत्री सत्सुकी कटायामा के बयान के हवाले से बताया कि वे रविवार से अमेरिका की यात्रा पर अपने समकक्षों से महत्वपूर्ण खनिजों पर चर्चा करेंगी, जबकि रक्षा मंत्री शिंजीरो कोइजुमी भी आगामी गुरुवार को अमेरिकी समकक्ष से बातचीत करेंगे।
पीएम ताकाइची अगले हफ्ते दक्षिण कोरिया के ली जे म्युंग के साथ जापान में एक उच्चस्तरीय बैठक करेंगी ताकि यूएस के दो मुख्य सहयोगियों के बीच सामंजस्य को बरकरार रखा जा सके।
कटायामा ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा, "जी7 देशों के बीच बुनियादी सहमति यह है कि देशों के लिए गैर-बाजार तरीकों से एकाधिकार हासिल करना मंजूर नहीं है।" उन्होंने जरूरी मिनरल्स के बारे में चीन की पिछली कार्रवाइयों का जिक्र किया और बताया, "यह वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक संकट है और आर्थिक सुरक्षा के लिए बहुत बड़ी समस्या है।"
यह कदम बीजिंग के साथ बढ़ते विवाद के बीच उठाया गया है, जो नवंबर में जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के ताइवान पर दिए बयान से शुरू हुआ था। चीन ने जापान को दोहरे उपयोग वाली वस्तुओं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिसमें रेयर अर्थ शामिल हैं।
जापान के व्यापार मंत्री रयोसेई अकाजावा के अनुसार, डुअल-यूज सामग्रियों पर नए नियंत्रण के असर का अंदाजा लगाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि चीन ने रेयर अर्थ्स पर रोक लगा दी है, जिनका इस्तेमाल कार और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कई प्रोडक्ट्स में होता है। यह रोक पिछले साल अप्रैल से लागू है और इससे जापान के कई उद्योगों पर असर पड़ा है।
इससे पहले शुक्रवार को, मुख्य कैबिनेट सचिव मिनोरू किहारा ने रेयर अर्थ्स और खाने की चीजों के शिपमेंट की अपील की, क्योंकि ऐसी रिपोर्टें थीं कि बीजिंग इन चीजों के ट्रेड में रुकावट डाल रहा है।
किहारा ने एक न्यूज कॉन्फ्रेंस में कहा, "मेरा मानना है कि रेयर अर्थ्स का इंटरनेशनल ट्रेड आसानी से चलना चाहिए, और मैं इसे बहुत जरूरी मानता हूं। रेयर अर्थ्स और दूसरे सामान पर चीनी निर्यात नियंत्रण का ग्लोबल सप्लाई चेन पर गंभीर असर पड़ रहा है।"
वहीं, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने जापानी कंपनियों को रेयर अर्थ और रेयर अर्थ मैग्नेट्स के निर्यात को रोकना शुरू कर दिया है।
जापान, जो रेयर अर्थ आयात के 60 फीसदी के लिए चीन पर निर्भर है, को इलेक्ट्रिक वाहनों और रक्षा तकनीकों में इस्तेमाल होने वाले भारी रेयर अर्थ के लिए लगभग पूरी तरह चीन पर निर्भरता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रतिबंध जापान की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है, और जापान अब गहरे समुद्र में रेयर अर्थ खनन की संभावनाओं का परीक्षण करने की योजना बना रहा है।
जापान टाइम्स के अनुसार 2010 में भी चीन ने रेयर अर्थ निर्यात थ्रोटल (निर्यात पर नियंत्रण) किया था।
--आईएएनएस
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