IANS
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November 19, 2025 4:31 PM
नई दिल्ली, 19 नवंबर (आईएएनएस)। द्वितीय विश्व युद्ध खत्म हो चुका था। यूरोप जले हुए शहरों, टूटे पुलों और उजड़ी हुई बस्तियों के बीच अपनी सांसें समेट रहा था। लाखों परिवार अपने लापता लोगों की तलाश कर रहे थे, और नाजी शासन द्वारा किए गए अत्याचारों की दर्दनाक सच्चाई धीरे-धीरे सामने आ रही थी। इसी माहौल में जर्मनी के शहर नूर्नबर्ग में एक ऐसा मुकदमा शुरू हुआ जिसने अंतरराष्ट्रीय कानून को हमेशा के लिए बदल दिया और ये था नूर्नबर्ग ट्रायल। ये तारीख थी 20 नवंबर 1945 की, जो दुनिया के इतिहास में एक अनोखी सुबह लेकर आई।