इंजेक्शन की जगह मुंह से दवा भी उतनी ही असरदार, गंभीर निमोनिया वाले बच्चों के इलाज पर रिसर्च
नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस)। दुनियाभर में हर साल लाखों बच्चे निमोनिया जैसी खतरनाक बीमारी की चपेट में आते हैं और बड़ी संख्या में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है। गरीब और विकासशील देशों में यह बीमारी बच्चों की मौत का बड़ा कारण बनी हुई है। ऐसे में अब एक नई अंतरराष्ट्रीय रिसर्च सामने आई है, जिसमें दावा किया गया है कि निमोनिया से पीड़ित बच्चे की तबीयत में सुधार होने के बाद इंजेक्शन की जगह मुंह से दी जाने वाली एंटीबायोटिक दवा देना पूरी तरह सुरक्षित और असरदार है।