कैंसर से होने वाली 20 प्रतिशत मौतों का कारण तंबाकू, आयुर्वेदिक तरीके से छोड़ें आदत

IANS | November 3, 2025 9:58 PM

नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। क्या आप जानते हैं कि दुनिया भर में होने वाली कैंसर की करीब 20 प्रतिशत मौतों का कारण तंबाकू है? यह कोई मामूली बात नहीं है। तंबाकू सिर्फ आपके फेफड़े या मुंह को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि यह शरीर के कई अंगों में कैंसर जैसी घातक बीमारी का कारण बन सकता है। लेकिन, यह पूरी तरह हमारे नियंत्रण में है। अगर हम अपनी रोजमर्रा की आदतों में थोड़े बदलाव लाएं, तो बड़ी हद तक कैंसर जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है।

अच्छी नींद के लिए ली जाने वाली गोलियां सेहत को पहुंचा सकती हैं बड़ा नुकसान: स्टडी

IANS | November 3, 2025 8:28 PM

नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। जिन गोलियों का उपयोग आप अच्छी नींद के लिए करते हैं, वही आपकी जिंदगी पर बुरा असर डाल सकती हैं। द लैंसेट रीजनल हेल्थ अमेरिकाज में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन में पता चला है कि अधेड़ और बुजुर्ग अगर नींद की गोलियों का सेवन बंद कर दें तो उनका बुढ़ापा अच्छा कट सकता है।

आयुर्वेद का ब्रह्मास्त्र : अश्वगंधारिष्ट से पाएं ताकत, ऊर्जा और मानसिक शांति

IANS | November 3, 2025 7:24 PM

नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। अश्वगंधारिष्ट आयुर्वेद का एक शानदार टॉनिक है, जिसे मानसिक, शारीरिक और यौन स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माना गया है। इसे आयुर्वेद का ब्रह्मास्त्र भी कहा जाता है क्योंकि यह थकान, कमजोरी, मानसिक तनाव, अनिद्रा, स्नायु रोग और पुरुषों में वीर्य की कमी जैसी समस्याओं में मदद करता है।

गॉल ब्लैडर स्टोन आपकी अनहेल्दी आदतों का है नतीजा, आयुर्वेदिक नुस्खों से पाएं आराम

IANS | November 3, 2025 5:35 PM

नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। आजकल पित्त की पथरी (गॉल ब्लैडर स्टोन) एक आम समस्या बन गई है, खासकर उन लोगों में जो ज्यादा देर तक बैठकर काम करते हैं और अनहेल्दी लाइफस्टाइल जीते हैं। आयुर्वेद की मानें तो पित्ताशय में पथरी पित्त-कफ के असंतुलन और मेद धातु की रुकावट के कारण बनती है। जब शरीर की अग्नि कमजोर हो जाती है और पित्त गाढ़ा होने लगता है, तो धीरे-धीरे पथरी बनने लगती है।

स्टार्टअप फाउंडर को वेज बिरयानी ऑर्डर करने पर मिली नॉन-वेज बिरयानी, स्विगी और बेहरोज की बढ़ी मुश्किलें

IANS | November 3, 2025 3:15 PM

नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। स्टार्टअप फाउंडर और एंजेल-वन इन्वेस्टर उदित गोयनका ने ऑनलाइन फूड ऑडरिंग और डिलीवरी कंपनी स्वगी पर आरोप लगाया है कि उन्हें स्विगी से वेज बिरयानी ऑर्डर करने पर रेस्टोरेंट की ओर से नॉन-वेज बिरयानी भेजी गई।

कई समस्याओं का एक समाधान है सूर्योदय से पहले उठना, आयुष मंत्रालय ने गिनाए लाभ

IANS | November 3, 2025 2:57 PM

नई दिल्ली, 3 नवंबर (आईएएनएस)। सूर्योदय से पहले उठना स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है। यह एक आदत कई समस्याओं का समाधान है और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाती है। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने बताया है कि ताजी हवा से लेकर मानसिक शांति तक, सुबह जल्दी उठने के लाभ अनगिनत हैं।

मध्य प्रदेश : डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने सीएचसी का किया निरीक्षण, बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश

IANS | November 2, 2025 10:33 PM

सेमरिया, 2 नवंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सेमरिया का निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने और साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल में प्रतिदिन होने वाली ओपीडी की जानकारी प्राप्त की।

लोडेड वॉटर: सिर्फ साधारण नहीं, 'स्मार्ट पानी' एक सेहतमंद ट्रेंड, जानिए क्या है ये

IANS | November 2, 2025 8:20 PM

नई दिल्ली, 2 नवंबर (आईएएनएस)। आजकल बाजार में 'लोडेड वॉटर' या 'एनहैंस्ड वॉटर' नाम का नया ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। सुनने में तो यह साधारण पानी जैसा लगता है, लेकिन यह एक ऐसा पेय है जिसे विटामिन, मिनरल्स, इलेक्ट्रोलाइट्स या हर्बल एक्सट्रैक्ट्स से समृद्ध किया जाता है ताकि यह सिर्फ प्यास बुझाने वाला नहीं बल्कि एनर्जी और पोषण देने वाला बन जाए।

केमिकल युक्त महंगी क्रीम नहीं, आयुर्वेदिक नुस्खों से पाएं नेचुरल ग्लोइंग स्किन

IANS | November 2, 2025 7:21 PM

नई दिल्ली, 2 नवंबर (आईएएनएस)। त्वचा सिर्फ सुंदरता का प्रतीक नहीं है, बल्कि हमारे स्वास्थ्य का आईना भी है। आज के समय में जहां केमिकल युक्त कॉस्मेटिक्स का इस्तेमाल आम हो गया है, वहीं आयुर्वेद हमें त्वचा की असली सुंदरता प्राकृतिक तरीके से पाने का रास्ता दिखाता है।

हकलाने या तुतलाने पर शर्म नहीं, इन आयुर्वेदिक नुस्खों से करें इलाज

IANS | November 2, 2025 6:50 PM

नई दिल्ली, 2 नवंबर (आईएएनएस)। हकलाना या तुतलाना वाणी संबंधित एक गंभीर समस्या है, जिसे आयुर्वेद में वाक विकार कहा गया है। यह सिर्फ जीभ की कमजोरी की वजह से नहीं होता, बल्कि इसके पीछे वात दोष का असंतुलन, नसों की कमजोरी और मानसिक डर-तनाव भी जिम्मेदार होते हैं। इसके मूल में अक्सर बचपन में डर या सदमा, अत्यधिक चिंता और अनुवांशिक कारण होते हैं।