रोग प्रतिरोधक क्षमता का रक्षक कपालभाति, तनाव को करता है दूर
नई दिल्ली, 19 जुलाई (आईएएनएस)। दिनभर की भागदौड़, चिंता, और तनाव के बीच प्राणायाम हमें शांति देता है। प्राणायाम में 'प्राण' शब्द का अर्थ 'जीवन की ऊर्जा' है, और 'आयाम' का मतलब 'विस्तार' है। प्राणायाम केवल 'श्वास अभ्यास' नहीं, यह जीवन को गहराई से जीने की कला है। यह शरीर को नहीं, बल्कि आत्मा को छूता है। यह आपके अंदर चल रहे शोर को शांत कर सुकून देता है। इसी प्राणायाम में एक महत्वपूर्ण अभ्यास है- 'कपालभाति', जो न केवल शरीर की सफाई करता है, बल्कि नई ऊर्जा का संचार भी करता है।