रेको डिक खदान पर दुनिया की नजर, आड़े आए बलूचों को रोकने के लिए पाकिस्तानी हुक्मरानों ने बनाया प्लान

IANS | February 8, 2026 5:44 PM

कराची, 8 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान का बलूचिस्तान इन दिनों दुनिया के बड़े देशों को खूब लुभा रहा है। पाकिस्तानी हुक्मरान, जिनका बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के हमलों से पार पाना मुश्किल है, वो भी इस प्राकृतिक संपदा से लबरेज प्रांत के रेको डिक खदान को गैर मुल्कों के हवाले करने से हिचक नहीं रहे हैं। उनके लिए इसके बदले मिलने वाले अरबों डॉलर मायने रखते हैं। विदेशी मीडिया संस्थान ने दावा किया है कि अपने हित और देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने की चाहत में सरकार ने एक प्लान बनाया है।

हॉलीवुड के अंडररेटेड स्टार जोसेफ कॉटन, जो थे क्लासिक सिनेमा का संवेदनशील चेहरा

IANS | February 5, 2026 8:48 PM

नई दिल्ली, 5 फरवरी (आईएएनएस)। हॉलीवुड के स्वर्णिम दौर की चर्चा जब भी होती है, तो कुछ ऐसे कलाकारों के नाम स्वतः सामने आ जाते हैं, जिन्होंने अभिनय को केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे एक जीवंत और प्रभावशाली कला का रूप दिया। जोसेफ कॉटन उन्हीं महान अभिनेताओं में से एक थे, जिनकी अदाकारी में गहराई और सादगी का अद्भुत मेल दिखाई देता था।

नाइजीरियाई स्टार इफुनान्या की मौत सुर्खियों में क्यों?

IANS | February 5, 2026 8:10 PM

नई दिल्ली, 5 फरवरी (आईएएनएस)। 26 साल की नाइजीरियाई गायिका इफुनान्या न्वांगेने की 31 जनवरी 2026 को हुई मौत दुनिया में चर्चा का सबब बनी हुई है। दरअसल, ये ऐसी मौत है जिसे रोका जा सकता था। युवा गायिका राजधानी अबुजा में रहती थीं और सोते वक्त उन्हें कोबरा ने काट लिया था। न्वांगने को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन एंटी वेनम की कमी ने उनकी जिंदगी छीन ली।

पोते-पोतियों की देखभाल से बुजुर्गों का ब्रेन रहता है एक्टिव: शोध

IANS | February 5, 2026 6:36 PM

नई दिल्ली, 5 फरवरी (आईएएनएस)। अपने नाती-पोतों की देखभाल को अक्सर पारिवारिक जिम्मेदारी या भावनात्मक जुड़ाव का नतीजा माना जाता है, लेकिन अब विज्ञान ने इसके एक और महत्वपूर्ण पहलू की ओर ध्यान खींचा है। हाल ही में छपी एक शोध रिपोर्ट के अनुसार, पोते-पोतियों या नाती-नातिन की देखभाल करने वाले बुजुर्गों की स्मरण शक्ति और भाषा से जुड़ी मानसिक क्षमताएं उन बुजुर्गों की तुलना में बेहतर होती हैं जो इस भूमिका में शामिल नहीं होते हैं। यह अध्ययन इस बात का संकेत देता है कि पारिवारिक जीवन में सक्रिय भागीदारी बुजुर्गों के ब्रेन के लिए भी लाभकारी हो सकती है।

भारतीय रॉक पाइथन : जहर नहीं, ताकत है जिसकी पहचान, विशालकाय शरीर के दम पर लेता है शिकार की जान

IANS | February 5, 2026 1:12 PM

नई दिल्ली, 5 फरवरी (आईएएनएस)। घने जंगलों में पाया जाने वाला विशालकाय अजगर, जिसकी त्वचा पर भूरे रंग की आकर्षक धारियां होती हैं, लंबाई में 25 फीट तक बढ़ सकता है। इसका शरीर अत्यंत मोटा, मजबूत और शक्तिशाली होता है। यहां बात भारतीय रॉक पाइथन की हो रही है, जिसे भारत का सबसे बड़ा बिना विष वाला सांप माना जाता है।

लाला लाजपत राय: विचार, संघर्ष और बलिदान की मिसाल, आर्य समाज से साइमन कमीशन तक का सफर

IANS | January 27, 2026 9:54 AM

नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)। हर साल की 28 जनवरी हमें उस व्यक्तित्व के जन्मदिन को याद दिलाती है जिसने विचार, कर्म, संघर्ष और बलिदान को एक साथ जीकर भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन को नई दिशा दी। 28 जनवरी, 1865 को पंजाब के लुधियाना जिले के धुदिके ग्राम में जन्मे लाला लाजपत राय केवल एक नेता नहीं थे, बल्कि बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी राजनीतिज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता, लेखक, पत्रकार, वक्ता और सांसद थे। देश उन्हें पंजाब केसरी के नाम से जानता है।

जब सिनेमा बना देशभक्ति की आवाज, मनोज कुमार से लेकर विक्की कौशल तक बॉलीवुड के नायकों ने यूं रचा राष्ट्रप्रेम का इतिहास

IANS | January 25, 2026 12:28 PM

मुंबई, 25 जनवरी (आईएएनएस)। सिनेमा जगत में कई अभिनेता ऐसे हैं, जिन्होंने देशभक्ति वाली फिल्मों के जरिए दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। इन फिल्मों ने न सिर्फ राष्ट्रप्रेम की भावना जगाई, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम, युद्ध और सैनिकों की बहादुरी को पर्दे पर बेहतरीन तरीके से पेश किया।

यादों में कृष्णा सोबती: एक बेबाक आवाज, भाषा और साहस की अमर गाथा

IANS | January 24, 2026 5:14 PM

नई दिल्ली, 24 जनवरी (आईएएनएस)। 25 जनवरी की तारीख अपने आप में हिंदी साहित्य के लिए खास है। यह तारीख उस महान लेखिका को याद करने का दिन है, जिन्होंने दशकों तक हिंदी को नई ऊर्जा और नई नैतिक चुनौती दी। ये नाम है कृष्णा सोबती का, जिनका इस दुनिया से जाना उस रचनात्मक साहस का जाना था, जो लिखते समय किसी सुविधा, संकोच या किसी तयशुदा चौखटे को स्वीकार नहीं करता।

24 जनवरी 1950: राष्ट्रगान की स्वीकृति और पहले राष्ट्रपति के साथ भारत ने रचा लोकतांत्रिक इतिहास

IANS | January 23, 2026 11:47 AM

नई दिल्ली, 23 जनवरी (आईएएनएस)। कुछ तारीखें सिर्फ कैलेंडर में दर्ज एक नंबर नहीं होती हैं, वे देश के लिए काफी खास होती हैं। साल 1950 में 24 जनवरी की तारीख भी ऐसी ही एक तारीख है, जब आजाद भारत ने अपने लोकतांत्रिक सफर को स्थायी प्रतीक और सशक्त नेतृत्व के साथ दिशा दी। इसी दिन देश ने जन गण मन को राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार किया और डॉ. राजेंद्र प्रसाद के रूप में स्वतंत्र भारत को उसका पहला राष्ट्रपति मिला।

बाला साहेब ठाकरे: चुनाव नहीं लड़ा, पर सरकारें बनाईं-गिराईं; सत्ता का अनोखा सम्राट

IANS | January 22, 2026 3:51 PM

नई दिल्ली, 22 जनवरी (आईएएनएस)। 23 जनवरी... एक ऐसी तारीख है, जिसने महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति को एक ऐसा चेहरा दिया, जिसे नजरअंदाज करना अपने आप में बेईमानी होगी। यही वह दिन है, जब पुणे की धरती पर बाला साहेब ठाकरे का जन्म हुआ। बाला साहेब ठाकरे एक ऐसा नाम है, जो सत्ता में नहीं रहने के बाद भी सत्ता की दिशा तय करते थे। बाला साहेब ने कोई चुनाव नहीं लड़ा, इसके बावजूद सरकारें बनाईं और गिराईं।