नाइजीरियाई स्टार इफुनान्या की मौत सुर्खियों में क्यों?

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नई दिल्ली, 5 फरवरी (आईएएनएस)। 26 साल की नाइजीरियाई गायिका इफुनान्या न्वांगेने की 31 जनवरी 2026 को हुई मौत दुनिया में चर्चा का सबब बनी हुई है। दरअसल, ये ऐसी मौत है जिसे रोका जा सकता था। युवा गायिका राजधानी अबुजा में रहती थीं और सोते वक्त उन्हें कोबरा ने काट लिया था। न्वांगने को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन एंटी वेनम की कमी ने उनकी जिंदगी छीन ली।

इस मौत ने दुनिया का ध्यान एक ऐसे स्वास्थ्य संकट की ओर खींचा है, जिसे विशेषज्ञ पूरी तरह से रोका जा सकने वाला मानते हैं। यह घटना केवल एक प्रसिद्ध कलाकार की असमय मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि उन लाखों लोगों की हकीकत को सामने लाती है, जो हर साल सांप के काटने का शिकार होते हैं और समय पर इलाज न मिलने के कारण अपनी जान गंवा देते हैं।

न्वांगेने, जिन्हें उनके स्टेज नाम नन्याह से भी जाना जाता है, 2021 में 'द वॉयस नाइजीरिया' में नजर आई थीं और दोस्तों के मुताबिक, वह इस साल के आखिर में अपने पहले सोलो कॉन्सर्ट की तैयारी कर रही थीं लेकिन सर्पदंश ने उनके ख्वाब को अधूरा छोड़ दिया।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, दुनिया भर में हर साल करीब 50 से 54 लाख लोगों को सांप काटता है। इनमें से लगभग 27 लाख मामलों में जहर शरीर में फैल जाता है और अनुमान है कि 81 हजार से लेकर 1 लाख 38 हजार तक लोगों की मौत हो जाती है। इसके अलावा, लगभग 4 लाख लोग ऐसे होते हैं, जो इस हादसे से तो बच जाते हैं, लेकिन स्थायी विकलांगता, अंग भंग या गंभीर शारीरिक व्याधि के साथ जीवन बिताने को मजबूर हो जाते हैं। डब्ल्यूएचओ यह भी मानता है कि बड़ी संख्या में मामले और मौतें आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं हो पाते।

एंटी वेनम को लेकर कैंपेन चलाने वाले मानते हैं कि 2019 में तय किए गए यूएन के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए फंडिंग काफी नहीं है। उसका मकसद 2030 तक सांप के काटने से होने वाली मौतों और विकलांगता को आधा करना है, लेकिन इसके लिए जरूरी निवेश भी "खतरे में" है। सांप के जहर को एक अनदेखी ट्रॉपिकल बीमारी के तौर पर क्लासिफाई किया गया है।

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के अनुसार, अगर सुरक्षित और असरदार एंटी-वेनम उपलब्ध हों और उन्हें जल्दी दिया जाए, तो सांप के काटने से होने वाली अधिकतर मौतें "पूरी तरह से रोकी जा सकती हैं।" ये विश्व स्वास्थ्य संगठन की जरूरी दवाओं की फेहरिस्त में भी शामिल है।

युवा गायिका ने अपनी मौत से पहले बताया कि सुबह करीब 8.30 बजे एक स्लेटी रंग के सांप ने उनकी कलाई पर वार किया, जिससे उनकी नींद खुल गई। बाद में सिंगर के फ्लैट में दो सांप मिले, जिनमें से एक मध्यम आकार का कोबरा, उनके बेडरूम में ही छिपा था।

नाइजीरिया में सांपों की 29 प्रजातियां हैं, जिनमें से 41 फीसदी जहरीली हैं। न्वांगेने के भाई के सोशल मीडिया पोस्ट के अनुसार, अबूजा के पहले अस्पताल में जहां न्वांगेने गईं, वहां कोई एंटी-वेनम उपलब्ध नहीं था।

नाइजीरियाई गायिका की मौत इस बात की याद दिलाती है कि सांप के काटने से होने वाली अधिकतर मौतें समय पर इलाज मिलने पर टाली जा सकती हैं। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, सही समय पर प्रभावी एंटी-वेनम मिल जाए तो ज्यादातर मामलों में जान बचाई जा सकती है। समस्या यह है कि अफ्रीका और एशिया के कई देशों में एंटी-वेनम की उपलब्धता सीमित है, इसकी कीमत ज्यादा है, और ग्रामीण इलाकों तक इसकी पहुंच बेहद कमजोर है।

कई क्षेत्रों में लोग अस्पताल जाने के बजाय पारंपरिक उपचारों या झाड़-फूंक पर भरोसा करते हैं। इससे इलाज में कीमती समय नष्ट हो जाता है और जहर शरीर में तेजी से फैल जाता है। ऐसे मामलों में न केवल मौत का खतरा बढ़ जाता है, बल्कि ये घटनाएं सरकारी आंकड़ों से भी बाहर रह जाती हैं। यही कारण है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन मानता है कि सांप के काटने से होने वाली वास्तविक मौतों की संख्या दर्ज आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकती है।

--आईएएनएस

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