टूटे वायलिन से लेकर संगीतकार बनने तक, कुछ ऐसा रहा फरहाद मेहराद का संघर्ष भरा सफर
मुंबई, 30 अगस्त (आईएएनएस)। संगीत की दुनिया के कुछ सुर ऐसे होते हैं जो सीधे दिल में उतर जाते हैं। फरहाद मेहराद की आवाज भी कुछ ऐसी ही थी... मधुर, गहरी और सच्ची। उन्होंने कभी संगीत को एक करियर की तरह नहीं देखा, बल्कि एक मिशन की तरह जिया। उनका सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था। एक मासूम बच्चा, जो एक वाद्य यंत्र के टूटने से इतना दुखी हुआ कि उसने हमेशा के लिए उसे छोड़ दिया, आगे चलकर वही बच्चा फारसी रॉक संगीत की पहचान बन गया। यह किस्सा जितना मजेदार है, उतना ही भावुक भी है।