'हर सवाल का जवाब जरूरी नहीं', 'एक्यूज्ड' में अस्पष्टता पर निर्देशक अनुभूति कश्यप ने तोड़ी चुप्पी

IANS | February 27, 2026 3:42 PM

मुंबई, 27 फरवरी (आईएएनएस)। आज के समय में फिल्मों और वेब सीरीज में संवेदनशील विषयों को अक्सर सनसनीखेज अंदाज में पेश किया जाता है, लेकिन कुछ फिल्मकार ऐसे भी हैं जो कहानी को सहजता से दिखाना चाहते हैं। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'एक्यूज्ड' इसी तरह की एक कोशिश है।

दक्षिण भारतीय सभ्यता का प्रतीक बना विजय देवरकोंडा का शाही आउटफिट, जानें क्या-क्या था लुक में खास

IANS | February 27, 2026 3:06 PM

मुंबई, 27 फरवरी (आईएएनएस)। दक्षिण भारतीय सिनेमा के दो बड़े स्टार्स विवाह के बंधन में बंध चुके हैं, हम विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की बात कर रहे हैं, जिनकी शादी की फोटोज पर पूरा सोशल मीडिया प्यार लुटा रहा है।

अहान पांडे में है ओल्ड-स्कूल रोमांटिक हीरो वाली ईमानदारी : अली अब्बास जफर

IANS | February 27, 2026 2:17 PM

मुंबई, 27 फरवरी (आईएएनएस)। फिल्ममेकर अली अब्बास जफर अपने अपकमिंग अनटाइटल्ड प्रोजेक्ट में अभिनेता अहान पांडे को डायरेक्ट करने की तैयारी में हैं। उन्होंने अहान की खुलकर तारीफ करते हुए कहा कि उनमें एक खास तरह की ईमानदारी है, जो आज के दौर में कम ही देखने को मिलती है।

वर्ल्ड एनजीओ डे : चिरंजीवी से दीपिका तक, एनजीओ के जरिए बदल रहे हैं लाखों जिंदगियां

IANS | February 27, 2026 2:02 PM

मुंबई, 27 फरवरी (आईएएनएस)। गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के योगदान को सम्मानित करने, उनकी सराहना करने और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए हर साल 27 फरवरी को विश्व एनजीओ दिवस मनाया जाता है। यह अंतरराष्ट्रीय दिवस साल 2014 से वैश्विक स्तर पर मनाया जा रहा है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, आपदा राहत और सामाजिक न्याय जैसे क्षेत्रों में एनजीओ की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करता है।

4 दशक और 300 से ज्यादा फिल्में, संघर्ष से शुरू हुआ 'इंदीवर' का सफर, दिए हजार से ज्यादा गीत

IANS | February 26, 2026 11:55 PM

नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। श्यामलाल बाबू राय हिंदी सिनेमा के उन महान गीतकारों में से एक का नाम है, जिनके कमाल के गीत आज भी लोगों के जेहन में जिंदा हैं। उन्होंने अपने शानदार गीतों से लाखों दिलों को छुआ। उन्हें दुनिया इंदीवर के नाम से प्यार और सम्मान देती है। चार दशकों के लंबे सफर में उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों के लिए एक हजार से ज्यादा सदाबहार गीत लिखे।

25 साल पुराने कपड़ों को आज भी आलमारी में रखी हैं जीनत अमान, बताई मजेदार वजह

IANS | February 26, 2026 11:21 PM

नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। पुरानी चीजें हमेशा खास होती हैं। वे यादों का खजाना हों या वस्तु, जिसे हर बार देखने पर पुरानी खुशियां, पल और भावनाएं ताजा हो जाती हैं। अभिनेत्री जीनत अमान भी यही मानती हैं। इसी क्रम में उन्होंने बताया कि 25 साल पुराने कपड़े आज भी उनकी अलमारी में रखे हैं, क्योंकि अच्छी चीजें कभी पुरानी नहीं होतीं।

उज्जैन में ‘हे भगवान: कितना बदल गया इंसान!’ की हुई शूटिंग, सितारों ने 'महाकाल' नगरी को बताया अद्भुत

IANS | February 26, 2026 10:59 PM

उज्जैन, 26 फरवरी (आईएएनएस)। एंड टीवी का नया शो ‘हे भगवान- कितना बदल गया इंसान!’ अपनी अनोखी कहानी और आध्यात्मिक संदेश के साथ प्रीमियर के लिए तैयार है। इस टीवी शो की शूटिंग मध्य प्रदेश के महाकाल नगरी उज्जैन में हुई, जहां पहुंचे सितारों ने 'महाकाल' नगरी के अनुभव को शानदार और अद्भुत बताया।

जो सिनेमा आपको असहज करे, वही सोच बदलने की ताकत रखता है: नंदिता दास

IANS | February 26, 2026 9:05 PM

नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली में चिंतन रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम 'सशक्त नारी, विकसित भारत' में अभिनेत्री-निर्देशक नंदिता दास ने अपने अनुभव और विचार पेश किए। इस बीच अभिनेत्री-निर्देशक नंदिता दास ने आईएएनएस से बात करते हुए सिनेमा, सेंसरशिप, राजनीति और महिलाओं के अधिकारों जैसे कई संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी।

मेरे लिए कपड़े सिर्फ ट्रेंड्स या फैशन नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति का जरिया: गुलशन देवैया

IANS | February 26, 2026 6:54 PM

नई दिल्ली, 26 फरवरी (आईएएनएस)। एक्टर गुलशन देवैया अपने यूनिक और बोल्ड फैशन स्टाइल के लिए मशहूर हैं। हालांकि, उनका मानना है कि वह कभी फैशन या ट्रेंड्स को फॉलो करते हुए कपड़ों का चुनाव नहीं करते हैं, बल्कि उनकी पर्सनैलिटी ही स्टाइलिश है।

'एनिमल' और 'धुरंधर' को सेंसर सर्टिफिकेट, फिर 'चरक' को रिव्यू कमेटी क्यों: सुदीप्तो सेन

IANS | February 26, 2026 6:19 PM

मुंबई, 26 फरवरी (आईएएनएस)। निर्देशक सुदीप्तो सेन ने अपनी आगामी फिल्म 'चरक: फेयर ऑफ फेथ' को लेकर सेंसर बोर्ड पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब 'एनिमल' और 'धुरंधर' जैसी फिल्मों को आसानी से सर्टिफिकेट मिल जाता है, तो फिर 'चरक' जैसी फिल्मों को रिव्यू कमेटी के लंबे और कठिन दौर से क्यों गुजरना पड़ता है।