यादों में बिरजू महाराज: कथक की ख्याति विश्व मंच पर ले जाने वाले 'कथक सम्राट' नाम के पीछे है दिलचस्प किस्सा

IANS | February 3, 2026 11:58 PM

नई दिल्ली, 3 फरवरी (आईएएनएस)। पंडित बिरजू महाराज एक हस्ती का नाम है, जिन्होंने कथक को विश्व मंच पर पहचान दिलाई। कथक सम्राट का जन्म 4 फरवरी 1938 को लखनऊ, उत्तर प्रदेश के कालका बिंदादिन घराने में हुआ था। उन्होंने नृत्य नाटिकाओं जैसे गोवर्धन लीला, माखन चोरी, मालती माधव, कुमार संभव और फाग बहार आदि में भगवान कृष्ण के अवतार और लीलाओं को कथक की बंदिशों और नृत्य के भावों इशारों के जरिए खूब सुंदर तरीके से व्यक्त किया।

ऐतिहासिक प्रदर्शनी के तहत श्रीलंका पहुंचा भगवान बुद्ध का पवित्र देवनीमोरी अवशेष

IANS | February 2, 2026 9:55 PM

कोलंबो, 2 फरवरी (आईएएनएस)। कोलंबो में भारतीय हाई कमीशन ने सोमवार को बताया कि भगवान बुद्ध का पवित्र देवनीमोरी अवशेष अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी के लिए श्रीलंका पहुंचा।

श्रद्धा, आस्था और रहस्य से भरा है बोरेश्वर महादेव मंदिर; रात में दर्शन के लिए आते हैं नंदी महाराज!

IANS | February 2, 2026 2:33 PM

नई दिल्ली, 2 फरवरी (आईएएनएस)। उज्जैन और काशी को बाबा महाकाल की धरती के रूप में पूजा जाता है, जहां हर मंदिर से कोई न कोई धार्मिक महत्व जरूर जुड़ा है।

तंत्र का विश्वविद्यालय रहस्यमयी चौसठ योगिनी मंदिर, 64 शिवलिंग के साथ विराजमान तंत्र योगिनी

IANS | January 30, 2026 11:46 PM

नई दिल्ली, 30 जनवरी (आईएएनएस)। भारत अलग-अलग मान्यताओं और परंपराओं का देश है और यही कारण है कि मंदिरों में हर देवी-देवता की पूजा अलग-अलग तरीकों से की जाती है।

पिता महेश्वर शिवलिंग: 40 फीट की गहरी सुरंग में विराजमान हैं भगवान शिव के पिता! साल में एक मिलता है दर्शन का अवसर

IANS | January 29, 2026 11:22 PM

नई दिल्ली, 29 जनवरी (आईएएनएस)। धर्म, अध्यात्म, और भक्ति की भूमि काशी और भगवान शिव का नाता बहुत गहरा है। वैसे तो ब्रह्मांड के हर कण में भगवान शिव व्याप्त हैं, लेकिन काशी का अटूट जुड़ाव भगवान शिव से सदियों पुराना है और यही कारण है कि काशी का हर वासी खुद पर अभिमान करता है क्योंकि उनकी रक्षा स्वयं महादेव करते हैं।

हिमाचल से आंध्र प्रदेश तक: 4 महा-शक्तिपीठ, जहां विराजमान हैं आदिशक्ति

IANS | January 28, 2026 7:50 PM

नई दिल्ली, 28 जनवरी (आईएएनएस)। सनातन धर्म में देवी के 51 शक्ति पीठों को विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता है कि ये वही स्थान हैं, जहां देवी सती के शरीर के अलग-अलग अंग और आभूषण गिरे थे। इन्हीं स्थानों पर शक्ति पीठों की स्थापना हुई। हालांकि शास्त्रों में कहीं-कहीं 52 शक्ति पीठों का भी उल्लेख मिलता है, लेकिन आम तौर पर 51 शक्ति पीठ ही माने जाते हैं।

28 जनवरी का पंचांग : माघ माह की दशमी तिथि, नोट कर लें शुभ-अशुभ समय

IANS | January 27, 2026 8:41 AM

नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)। नया कार्य शुरू करना हो या कोई शुभ कार्य इसके लिए सनातन धर्म में पंचांग का विचार महत्वपूर्ण है। शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य सफल तो अशुभ समय में किए कार्य सफल नहीं हो पाते। 28 जनवरी को बुधवार और माघ माह की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है, जो शाम 4 बजकर 35 मिनट तक रहेगी। इसके बाद एकादशी तिथि शुरू हो जाएगी।

गुप्त नवरात्रि : नवमी पर सर्वार्थ सिद्धि योग का अद्भुत संयोग, नोट कर लें राहुकाल

IANS | January 26, 2026 8:31 AM

नई दिल्ली, 26 जनवरी (आईएएनएस)। सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग का ध्यान रखना बेहद जरूरी माना जाता है। माघ मास की शुक्ल पक्ष नवमी तिथि इस बार खास महत्व रखती है, क्योंकि यह गुप्त नवरात्रि का नौवां दिन है और साथ ही इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग भी है।

कोलकाता के चाइनीज काली मंदिर में लगता है चाऊमीन और मोमोज का भोज, अनूठी है परंपरा

IANS | January 25, 2026 6:19 PM

नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में मां काली को तंत्र की देवी के रूप में पूजा जाता है, जहां मां को भोग स्वरूप बलि अर्पित की जाती है। मां काली के अधिकतर मंदिरों में बलि प्रथा का विधान है, लेकिन कोलकाता में एक ऐसा मंदिर भी है, जहां मां काली को भोग स्वरूप चाऊमीन और मोमोज चढ़ाए जाते हैं और भक्त भी प्रसाद का आनंद लेते हैं। हम बात कर रहे हैं कोलकाता के चाइनीज काली मंदिर की।

श्रीशैलम भ्रामराम्बिका मल्लिकार्जुन: देश का एकमात्र ज्योतिर्लिंग, जहां शिव-शक्ति एक साथ विराजमान

IANS | January 25, 2026 5:58 PM

नई दिल्ली, 25 जनवरी (आईएएनएस)। सृष्टि को बचाने के लिए मां जगदम्बा ने कई रूप धारण किए हैं और उनके हर अवतार की अलग कहानी और आध्यात्मिकता है। आंध्र प्रदेश में मां जगदम्बा के कई मंदिर हैं, जहां वे भगवान शिव के साथ पार्वती के रूप में विराजमान हैं, लेकिन 12 ज्योतिर्लिंगों में सबसे प्रभावशाली ज्योतिर्लिंग में भगवान शिव अकेले विराजमान नहीं हैं, बल्कि शक्ति के रूप में मां पार्वती भी मौजूद हैं।