विक्रमादित्य वैदिक घड़ी : परंपरा और तकनीक का मेल, सूर्योदय से शुरू होती है समय की गणना

IANS | April 14, 2026 2:39 PM

नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। आपने सेल और बिजली से चलने वाली कई घड़ियां तो देखी होंगी, लेकिन क्या कभी सूरज से चलने वाली प्राचीन वैदिक घड़ी के बारे में सुना है? जी हां, हम बात कर रहे हैं विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की, जो विद्या और आधुनिक तकनीक का अद्भुत मेल मानी जाती है।

जुड़ शीतल: सिर्फ परंपरा नहीं, प्रकृति और आशीर्वाद का अनूठा संगम है यह त्योहार, जानें क्या है महत्व

IANS | April 14, 2026 1:51 PM

मुंबई, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। देशभर में मंगलवार को मेष संक्रांति, बैसाखी और अलग-अलग राज्यों में नववर्ष का त्योहार मनाया जा रहा है।

बिहार का बैकुंठ धाम, श्री बालाजी नरसिंह के रूप में स्थापित हैं भगवान विष्णु

IANS | April 14, 2026 11:39 AM

नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत अलग-अलग विविधताओं और अपनी संस्कृति के लिए मशहूर है और यही कारण है कि भारत के जिस भी हिस्से में जाएंगे, वहां के कल्चर, खान-पान और भाषा में बदलाव देखने को मिलेगा।

राजस्थान की मरू कोकिला: लोक संगीत की विशिष्ट गायन शैली 'मांड' को नई पहचान देने वाली लोक गायिका गवरी बाई

IANS | April 13, 2026 10:55 PM

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। राजस्थान की रेतीली धरती ने कई प्रतिभाओं को जन्म दिया, लेकिन कुछ आवाजें ऐसी होती हैं जो समय बीतने के बाद भी लोगों के दिल में गूंजती रहती हैं। ऐसी ही एक अमर आवाज थीं गवरी देवी, जिन्हें राजस्थान की मरू कोकिला के नाम से जाना जाता है। उन्होंने राजस्थान की पारंपरिक लोक गायन शैली मांड को नई पहचान दी और इसे देश-विदेश तक पहुंचाया।

'मथुरा के कोतवाल' का अद्भुत मंदिर, जहां बाल कृष्ण के दर्शन को कैलाश से आए थे महादेव, दर्शन से मिटता है कष्ट

IANS | April 13, 2026 9:35 PM

मथुरा, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। श्रीकृष्ण व देवाधिदेव महादेव के बीच प्रगाढ़ प्रेम को दर्शाते देश-विदेश में कई देवालय हैं। इन मंदिरों में भक्ति के साथ शक्ति के अद्भुत मिलन के साथ ही भक्ति का बेहद सरल स्वरूप भी देखने को मिलता है। ऐसा ही दिव्य मंदिर उत्तर प्रदेश के श्रीकृष्ण नगरी मथुरा में है, जहां महादेव शहर के कोतवाल या रक्षक के रूप में विराजमान हैं।

'देवभूमि' में भैरवनाथ का अद्भुत मंदिर: जहां भक्त न्याय के लिए डालते हैं याचिका, तुरंत मिलता है न्याय

IANS | April 13, 2026 3:16 PM

अल्मोड़ा, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत एक ऐसा देश है, जहां कई भव्य मंदिर और उनसे जुड़ी अद्भुत और हैरत में डालने वाली कथाएं भी हैं। ये केवल ईंट-पत्थरों से बने देवालय नहीं बल्कि भक्तों की आस्था, विश्वास का ठिकाना भी है। ऐसा ही एक भैरवनाथ का मंदिर देवभूमि उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में स्थित है, जहां लोग अदालतों से निराश होकर न्याय की गुहार लगाते हैं। इस मंदिर को न्याय के देवता का मंदिर भी कहा जाता है।

नान्याजी महाराज मंदिर: यहां भोज में भगवान को अर्पित की जाती है टॉफी, रोग-परेशानियों से मिलती है मुक्ति

IANS | April 13, 2026 2:43 PM

मुंबई, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत देश के कोने-कोने मे ऐसे कई धार्मिक स्थल हैं, जहां भगवान को भोग में हलवा, खीर, मिठाई और 56 लगते हैं लेकिन राजस्थान के सीकर में एक ऐसा मंदिर है, जहां भगवान को चॉकलेट और टॉफी का भोज लगता है।

खेतों में रौनक और नववर्ष की शुरुआत: बैसाखी से पुथांडु तक उत्सवों का संगम

IANS | April 13, 2026 9:54 AM

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस): भारत विविधताओं का देश है और देश के हर राज्य में अलग रीति-रिवाजों का पालन किया जाता है। यहीं खूबसूरती और परंपराएं भारत को बाकी देशों से अलग बनाती है।

राजस्थान में भगवान देव नारायण की आस्था से जुड़ा अनोखा गांव, जहां नहीं लगते घरों में ताले

IANS | April 12, 2026 5:59 PM

नई दिल्ली, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। देश-दुनिया के कोने-कोने में कई खूबसूरत और आस्था को प्रगाढ़ करते देवालय हैं, जिनके शिखर मात्र से भक्तों का मन प्रसन्न हो जाता है। मात्र देवालय या शिखर ही नहीं बल्कि मंदिर के आस पास की जगह भी बेहद खूबसूरत और उससे जुड़ी कथा हैरत में डालती है। ऐसा ही नारायण को समर्पित राजस्थान में एक खूबसूरत गांव है, जो नारायण को समर्पित है।

नागराज मंदिर: यहां भक्तों को प्रसाद में मिलती है जादुई रेत, दर्शन मात्र से दूर होता है काल सर्प दोष

IANS | April 11, 2026 4:58 PM

नई दिल्ली, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत की हर दिशा में 33 कोटि देवी-देवताओं के निवास स्थान और चमत्कारों से भरे मंदिर देखने को मिल जाएंगे। उत्तर से लेकर दक्षिण में जहां भगवान भोलेनाथ के अलग-अलग मंदिर और ज्योतिर्लिंग स्थापित हैं, वहीं नागराज के मंदिर भी देखने को मिल जाते हैं। जहां भक्त काल सर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए आते हैं, लेकिन हम कन्याकुमारी के ऐसे मंदिर के बारे में बताएंगे, जहां भक्तों को प्रसाद के रूप में रेत दिया जाता है।