भारत-कंबोडिया की साझी सभ्यता का साक्षी है अंगकोर वाट और ता प्रोहम मंदिर, एएसआई ने संभाली बड़ी जिम्मेदारी

IANS | March 22, 2026 2:55 PM

नोम पेन्ह, 22 मार्च (आईएएनएस)। अंगकोर वाट मंदिर भारत-कंबोडिया की साझी सभ्यता का शानदार प्रतीक है। सिएम रीप स्थित वास्तुकला की बेजोड़ विरासत को सहेजे रखने में भारत की भूमिका अहम रही है। यहीं अंगकोर पुरातत्व उद्यान में बौद्ध मठ ता प्रोहम भी है, जिसके जीर्णोद्धार की जिम्मेदारी भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग, यानी एएसआई ने उठा रखी है। विदेश मंत्रालय के सचिव (ईस्ट) पी. कुमारन यहां पहुंचे। एमईए ने इसकी जानकारी दी।

चैत्र नवरात्रि के पांचवें दिन इन मंदिरों में करें मां स्कंदमाता की पूजा, मिलेगी कष्टों से मुक्ति

IANS | March 22, 2026 11:46 AM

नई दिल्ली, 22 मार्च (आईएएनएस)। चैत्र नवरात्रि के पांचवे दिन मां स्कंदमाता की पूजा होती है, जिन्हें बुद्धि का विकास, सुख-शांति और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा की देवी के रूप में पूजा जाता है। देश के कई राज्यों में मां स्कंदमाता को समर्पित भव्य और प्राचीन मंदिर स्थापित हैं, जिनका ऐतिहासिक, पौराणिक और धार्मिक महत्व है। आज हम आपको देशभर के स्कंदमाता को समर्पित मंदिरों के बारे में बताएंगे।

डाकुओं से नहीं, वन्यजीवों और सुंदरता से भरा है चंबल के बीहड़, नीली और साफ नदी देती है सुकून

IANS | March 21, 2026 8:14 PM

नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। चंबल का नाम सुनते ही मन में पहली छवि डाकुओं की आती है। चंबल की धरती पर आधारित कई फिल्में बन चुकी हैं, जिसमें डाकू और अपहरण के अलावा कुछ नहीं होता है, लेकिन असल में सच्चाई काफी अलग है।

नवरात्रि के चौथे दिन मां कुष्मांडा का आशीर्वाद लेने के लिए इन मंदिरों का करें दर्शन, ,मिलेगी मां की विशेष कृपा

IANS | March 21, 2026 3:43 PM

नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। चैत्र नवरात्रि के नौ दिन मां के अलग-अलग रूपों को समर्पित होते हैं और हर दिन मां की पूजा-अर्चना करने का विधान भी अलग होता है।

विश्व कठपुतली दिवस : कहीं 'गुलाबो सिताबो' तो कहीं 'तोलू बोम्मलतम', देश के हर हिस्से में कठपुतली की अलग खूबसूरती

IANS | March 21, 2026 9:30 AM

नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। दुनियाभर में प्राचीन लोक कला यानी कठपुतली की खूबसूरती और सांस्कृतिक महत्व का जश्न विश्व कठपुतली दिवस के रूप में हर साल 21 मार्च को मनाया जाता है। भारत में कठपुतली कला सदियों पुरानी परंपरा है, जो लकड़ी, चमड़े, कपड़े और रंगों से बनी छोटी-छोटी पुतलियों के माध्यम से कहानियां जीवंत करती है। यह कला सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि नैतिक मूल्यों, लोककथाओं, महाकाव्यों और सामाजिक संदेशों का माध्यम रही है।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने देशवासियों को दी ईद की बधाई, राष्ट्र को मजबूत बनाने का संकल्प लेने का किया आह्वान

IANS | March 21, 2026 9:07 AM

नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। भारत में आज ईद-उल-फितर का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। सुबह से ही देश की मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए मुस्लिम समाज के लोग उमड़े हैं। लोग एक दूसरे से गले मिलकर ईद की बधाई दे रहे हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को ईद की बधाई दी है।

विश्व कविता दिवस : भावनाओं व भाषाई अभिव्यक्ति के सशक्त और खूबसूरत माध्यम का जश्न

IANS | March 21, 2026 9:00 AM

नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। कविता सिर्फ शब्दों का खेल नहीं, बल्कि दिल की गहराइयों को छूने, विचारों को उड़ान देने और संस्कृतियों को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम भी है। प्रतिवर्ष 21 मार्च को दुनिया भर में कविता के महत्व को उजागर करते हुए विश्व कविता दिवस मनाया जाता है, जब पूरी दुनिया कविता की सुंदरता, भावनाओं और शक्ति का जश्न मनाती है।

विश्व कठपुतली दिवस : लकड़ी और रंग-बिरंगे कपड़ों से मनोरंजन, भारतीय संस्कृति का भी प्रतिबिंब

IANS | March 20, 2026 11:44 PM

नई दिल्ली, 20 मार्च (आईएएनएस)। आज के समय में मोबाइल, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और ऑनलाइन गेम्स ने मनोरंजन के नए द्वार खोल दिए हैं, मगर एक समय था, जब इन सबके बिना भी लोग हंसते-खेलते थे। वह साधन थी रंग-बिरंगी छोटी-छोटी कठपुतलियां। लकड़ी से तराशी गई, रंग-बिरंगे जरीदार कपड़ों से सजी कठपुतलियां मंच पर जीवंत हो उठती थीं। कलाकार धागों या छड़ों से इन्हें नचाते, लोककथाएं, प्रेम प्रसंग और व्यंग्यपूर्ण कहानियां सुनाते। ये न सिर्फ मनोरंजन करती हैं, बल्कि नैतिक मूल्य, हास्य और सामाजिक संदेश भी देती थीं।

लुंगलेई: प्रकृति के सुंदर नजारों के साथ मिलेगी मिजोरम की संस्कृति की खास झलक, ट्रैकिंग के लिए है बेस्ट ऑप्शन

IANS | March 20, 2026 4:45 PM

नई दिल्ली, 20 मार्च (आईएएनएस)। गर्मियों की शुरुआत के साथ ही जून-जुलाई में पड़ने वाली छुट्टियों के लिए प्लानिंग महीनों पहले शुरू हो जाती है। अगर आप प्रकृति, ट्रैकिंग और ब्रिटिश मिशनरियों की झलक एक साथ देखना चाहते हैं, तो हम आपके लिए मिजोरम की धरती पर बसे ऐसे प्रकृति रत्न की जानकारी लेकर आए हैं, जहां मन को शांत करने वाली कई चीजें एक साथ देखने को मिलेंगी। हम बात कर रहे हैं लुंगलेई की।

चैत्र नवरात्रि से लेकर उगादी तक, पूरे भारत में हिंदू नव-वर्ष के अलग-अलग रूप

IANS | March 19, 2026 12:39 PM

नई दिल्ली, 19 मार्च (आईएएनएस)। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि, गुरुवार को त्योहारों का दिन है। उत्तर भारत में इसे नवरात्रि और दक्षिण-पश्चिम भारत में इसे गुड़ी-पड़वा, उगादि और चेटीचंड (सिंधी नव-वर्ष) के रूप में मनाया जा रहा है।