महिला-केंद्रित कहानियों के मास्टर बिमल रॉय, स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखकर बनाते थे फिल्म
मुंबई, 6 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय सिनेमा की दुनिया में बिमल रॉय ऐसे निर्देशक थे, जिनकी फिल्मों में मनोरंजन के साथ-साथ समाज की सच्चाई, आम आदमी की पीड़ा और महिलाओं की दुनिया की झलक दिखाई देती थी। उनकी अधिकतर फिल्मों में अक्सर महिला पात्र अहम होती थीं। उनका संघर्ष, उनका साहस और उनकी संवेदनाएं फिल्म के भाव को आगे बढ़ाती थीं। यह सिर्फ पटकथा की ताकत नहीं, बल्कि बिमल रॉय की संवेदनशील नजर और समाज को दिखाने का तरीका था।