अहमदाबाद : नगर निगम की अनूठी पहल, फीडिंग स्पॉट्स और एआई तकनीक से शहर स्वच्छ

अहमदाबाद : मानव-पशु सहअस्तित्व को मजबूत करने के लिए नगर निगम की अनूठी पहल, फीडिंग स्पॉट्स और एआई तकनीक से शहर स्वच्छ

अहमदाबाद, 27 फरवरी (आईएएनएस)। अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने मानव और आवारा पशुओं के बीच सहअस्तित्व को मजबूत करने और शहर को स्वच्छ-सुंदर बनाए रखने के लिए एक सराहनीय नीति लागू की है। इस नीति के तहत स्ट्रीट डॉग्स और गायों के लिए विशेष फीडिंग स्पॉट्स चिन्हित किए गए हैं, जबकि अन्य स्थानों पर पशुओं को भोजन देने पर जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

नगर निगम के कैटल न्यूसेंस कंट्रोल डिपार्टमेंट (सीएनसीडी) के प्रमुख नरेश राजपूत ने बताया कि भारत सरकार के एनिमल बर्थ रूल्स 2023 और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के अनुरूप यह कदम उठाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों द्वारा हर जगह भोजन देने से फैलने वाली गंदगी और असुविधा को रोकना है।

शहर में लावारिस गायों से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं और यातायात समस्याओं को दूर करने के लिए एएमसी ने आधुनिक एआई तकनीक का सहारा लिया है। अब तक लगभग 1 लाख 10 हजार गायों में आरएफआईडी टैग और माइक्रोचिप लगाई जा चुकी हैं। साथ ही शहर के 130 प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो आवारा गायों की तस्वीरें कैप्चर करते हैं।

एआई और डीप लर्निंग तकनीक से इन तस्वीरों का विश्लेषण कर गायों के मालिकों की पहचान की जाती है और उन्हें पशु वापस सौंपा जाता है। इससे सड़कों पर गायों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आई है और यातायात सुचारू हुआ है।

आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए भी नगर निगम ने सख्त नीति बनाई है। शहर के 9 जोन और 48 वार्डों में कुल 126 फीडिंग स्पॉट्स निर्धारित किए गए हैं। इन स्पॉट्स के अलावा कहीं भी कुत्तों को भोजन देने पर जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा स्ट्रीट डॉग्स के लिए शेल्टर होम भी बनाए गए हैं, जहां उनकी देखभाल और टीकाकरण की व्यवस्था है। इस पहल से रेबीज के मामलों में कमी आई है और शहरवासियों को राहत मिली है।

स्थानीय निवासी एकता ने बताया, "पहले लोग सड़क पर ही डॉग्स और गायों को खाना देते थे, जिससे गंदगी और परेशानी बढ़ती थी। अब फीडिंग पॉइंट्स से एक ही जगह पर भोजन दिया जा सकता है। इससे नागरिकों को सहूलियत हुई है और शहर साफ रहता है।"

अहमदाबाद नगर निगम की ये पहलें न केवल ‘क्लीन सिटी’ अभियान को गति दे रही हैं, बल्कि पशुओं के प्रति करुणा, अनुशासन और सुरक्षा की भावना को भी बढ़ावा दे रही हैं।

--आईएएनएस

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